Rudraksha Rules: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये 5 नियम, वरना नहीं मिलेगा पूरा लाभ

Rudraksha Rules: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये 5 नियम, वरना नहीं मिलेगा पूरा लाभ


Rudraksha Rules: सनातन धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव का अत्यंत पवित्र और प्रिय स्वरूप माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है. सावन, महाशिवरात्रि और सोमवार जैसे शुभ अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्राक्ष धारण करते हैं. हालांकि, धर्मग्रंथों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष पहनने से पहले कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है.

भविष्यवक्ता एवं कुंडली विश्लेषक डा. अनीष व्यास** के अनुसार, रुद्राक्ष केवल एक माला या आभूषण नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव से जुड़ा एक पवित्र आध्यात्मिक प्रतीक है. इसलिए इसे धारण करते समय सही विधि, श्रद्धा और नियमों का पालन करना चाहिए.

शुभ दिन और मुहूर्त में करें धारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार, सावन का महीना, महाशिवरात्रि या किसी शुभ मुहूर्त में रुद्राक्ष धारण करना उत्तम माना जाता है. धारण करने से पहले इसे गंगाजल या स्वच्छ जल से शुद्ध कर भगवान शिव का स्मरण करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें.

सही मुखी रुद्राक्ष का करें चयन

रुद्राक्ष एकमुखी से लेकर इक्कीसमुखी तक कई प्रकार के होते हैं. प्रत्येक मुखी रुद्राक्ष का अलग धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना गया है. डा. अनीष व्यास के अनुसार, अपनी आवश्यकता या जन्म कुंडली के अनुसार ही रुद्राक्ष का चयन करना बेहतर माना जाता है.

रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखें

रुद्राक्ष को हमेशा स्वच्छ स्थान पर रखें. इसे पहनते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और अनादर न करें. धार्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखने से उसका आध्यात्मिक महत्व बना रहता है.

सात्विक आचरण अपनाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को यथासंभव सात्विक जीवनशैली अपनाने का प्रयास करना चाहिए. झूठ, क्रोध, नशा और अनैतिक कार्यों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है. ऐसा माना जाता है कि इससे मन की शुद्धि और आध्यात्मिक साधना में सहायता मिलती है.

केवल पहनना ही नहीं, श्रद्धा भी जरूरी

डा. अनीष व्यास बताते हैं कि रुद्राक्ष का लाभ केवल उसे पहनने से नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, नियमित पूजा, मंत्र जाप और अच्छे कर्मों से जुड़ा माना जाता है. सच्चे मन से धारण किया गया रुद्राक्ष अधिक शुभ फल देने वाला माना जाता है.

क्या हर कोई रुद्राक्ष पहन सकता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सामान्य रुद्राक्ष कोई भी श्रद्धालु धारण कर सकता है. हालांकि, यदि कोई विशेष मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहता है, तो पहले किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित माना जाता है, ताकि सही रुद्राक्ष का चयन किया जा सके.

रुद्राक्ष धारण करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

  • रुद्राक्ष को नियमित रूप से साफ रखें.
  • टूटा या क्षतिग्रस्त रुद्राक्ष धारण न करें.
  • इसे सम्मानपूर्वक पहनें और सुरक्षित स्थान पर रखें.
  • भगवान शिव के मंत्रों का नियमित जाप करें.
  • सदैव सकारात्मक और सात्विक सोच बनाए रखने का प्रयास करें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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