पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रविवार (26 जुलाई, 2026) ऐलान कर दिया गया है कि कल सोमवार (27 जुलाई, 2026) को किसी भी सूरत में रावलकोट समेत पीओके के अन्य हिस्सों से जनता राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ कूच करेगी.
अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार उमर नजीर ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) की देर रात 2 बजे ये ऐलान किया कि पहले 15 जुलाई को मार्च होनी थी, लेकिन उसके बाद पाकिस्तान के कई नेताओं ने उनके साथ 14 जुलाई से बातचीत शुरू की और उन्होंने 21 जुलाई का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन उसके बाद भी न ही प्रदर्शनकारियों की एक भी मांग मानी गई और न ही प्रदर्शनकारियों और अवामी एक्शन कमेटी को आतंकी घोषित करने का नोटिफिकेशन हटाया गया. ऐसे में कल 27 जुलाई को पूरे पीओके से मुजफ्फराबाद की ओर कूच का ऐलान किया गया है.
विद्रोहियों का सैलाब निकालना शुरू हो चुका है- उमर नजीर
अवामी एक्शन कमेटी का प्लान बताते हुए सरदार उमर नजीर ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को आधी रात में घोषणा की थी कि रविवार (26 जुलाई) को पीओके के मीरपुर से काफिले रावलकोट में आकर इकट्ठा होंगे और फिर सोमवार (27 जुलाई) को साढ़े 12 बजे धुहूर की नमाज के बाद रावलकोट और बाकी जगहों से काफिले सीधा मुजफ्फराबाद की ओर रवाना होंगे. विद्रोह के 47वें दिन प्लान के हिसाब से मीरपुर से रावलाकोट की ओर विद्रोहियों का सैलाब निकालना शुरू हो चुका है.
जितनी बातचीत कर सकते थे, कर चुके- अमान खान
आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए सरदार अमान खान, जो पीओके को पाकिस्तान से अलग करने की बात कई बार कर चुके है, ने मंच से ऐलान किया कि सोमवार (27 जुलाई, 2026) को जब मुजफ्फराबाद की ओर कूच होगी, तो वो 38 मांग नहीं, सिर्फ दो मांग पर होगी और वो पीओके की सत्ता पीओके के लोगों के हाथ में देना और पाकिस्तान की सरकार का हस्तक्षेप खत्म करना.
उन्होंने पाकिस्तानी सेना और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘सेना पीओके के लोगों को उसके टैक्स से लिए गए पैसों से गोलियां मारती है, जितनी बातचीत हो सकती थी, हो गई. अब आगे बढ़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है.’
पीओके में चुनाव के दिन कैसा इतिहास लिखा जाएगा?
रावलकोट में रविवार (26 जुलाई, 2026) की शाम 4 बजे तक सवा लाख से ज्यादा लोग कल सोमवार (27 जुलाई) को मुजफ्फराबाद मार्च के लिए इकट्ठा हो गए हैं. साथ ही पीओके के अलग-अलग इलाकों में लोगों ने पाकिस्तान परस्त पार्टियों के पोस्टर फाड़ना भी शुरू कर दिया है. ऐसे में देखना होगा कि कल पीओके में चुनाव के दिन मुजफ्फराबाद की ओर निकलने वाला जनसैलाब पीओके के इतिहास में कौन-सा नया चैप्टर लिखता है.
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