खेत पर कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिए कितनी मिलती है सब्सिडी, यहां जानें?

खेत पर कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिए कितनी मिलती है सब्सिडी, यहां जानें?


अगर आप अपने खेत या जमीन पर कोल्ड स्टोरेज यूनिट शुरू करते हैं. तो सरकार कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर तगड़ी आर्थिक मदद देती है. सामान्य मैदानी इलाकों में 35 फीसदी तक सब्सिडी मिलती है. वहीं पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में सरकार किसानों को 50 फीसदी तक की भारी छूट या वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

इस योजना का मकसद फल, सब्जी और अन्य बागवानी फसलों को सड़ने से बचाना है. कोल्ड स्टोरेज बनने से किसान अपनी फसल को तुरंत बेचने के बजाय सही समय आने तक सुरक्षित रख सकते हैं. जब बाजार में मांग बढ़ती है और दाम अच्छे मिलते हैं. तब किसान अपनी उपज बेचकर अपनी कमाई काफी बढ़ा सकते हैं.

इस योजना का मकसद फल, सब्जी और अन्य बागवानी फसलों को सड़ने से बचाना है. कोल्ड स्टोरेज बनने से किसान अपनी फसल को तुरंत बेचने के बजाय सही समय आने तक सुरक्षित रख सकते हैं. जब बाजार में मांग बढ़ती है और दाम अच्छे मिलते हैं. तब किसान अपनी उपज बेचकर अपनी कमाई काफी बढ़ा सकते हैं.

इस सब्सिडी का लाभ सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि कई अलग-अलग समूह भी उठा सकते हैं. किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियां और प्राइवेट एग्रो-कंपनियां भी कोल्ड स्टोरेज यूनिट सेटअप करने के लिए इस योजना के तहत अप्लाई कर सकती हैं. इससे गांव स्तर पर ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है.

इस सब्सिडी का लाभ सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि कई अलग-अलग समूह भी उठा सकते हैं. किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियां और प्राइवेट एग्रो-कंपनियां भी कोल्ड स्टोरेज यूनिट सेटअप करने के लिए इस योजना के तहत अप्लाई कर सकती हैं. इससे गांव स्तर पर ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है.

सरकार द्वारा तय गाइडलाइन्स के अनुसार कोल्ड स्टोरेज की कैपेसिटी और तकनीक के आधार पर प्रोजेक्ट की लागत तय की जाती है. साधारण कोल्ड स्टोरेज से लेकर आधुनिक सीए यानी Controlled Atmosphere स्टोरेज तक के लिए अलग-अलग मानक हैं. इसी के हिसाब से मिलने वाली कुल सब्सिडी राशि का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया जाता है.

सरकार द्वारा तय गाइडलाइन्स के अनुसार कोल्ड स्टोरेज की कैपेसिटी और तकनीक के आधार पर प्रोजेक्ट की लागत तय की जाती है. साधारण कोल्ड स्टोरेज से लेकर आधुनिक सीए यानी Controlled Atmosphere स्टोरेज तक के लिए अलग-अलग मानक हैं. इसी के हिसाब से मिलने वाली कुल सब्सिडी राशि का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया जाता है.

कोल्ड स्टोरेज यूनिट लगाने के लिए आवेदन करने की प्रोसेस काफी आसान है. इच्छुक किसानों को नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है. ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ-साथ आपको अपनी जमीन और प्रोजेक्ट से जुड़े सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने पड़ते हैं.

कोल्ड स्टोरेज यूनिट लगाने के लिए आवेदन करने की प्रोसेस काफी आसान है. इच्छुक किसानों को नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है. ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ-साथ आपको अपनी जमीन और प्रोजेक्ट से जुड़े सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने पड़ते हैं.

आवेदन के दौरान किसान के पास जमीन के कानूनी दस्तावेज, प्रोजेक्ट की पूरी डीपीआर यानी Detailed Project Report, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी होनी चाहिए. अगर आप किसी बैंक से लोन ले रहे हैं तो बैंक से मिला इन-प्रिंसिपल अप्रूवल लेटर भी साथ में सबमिट करना जरूरी होता है.

आवेदन के दौरान किसान के पास जमीन के कानूनी दस्तावेज, प्रोजेक्ट की पूरी डीपीआर यानी Detailed Project Report, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी होनी चाहिए. अगर आप किसी बैंक से लोन ले रहे हैं तो बैंक से मिला इन-प्रिंसिपल अप्रूवल लेटर भी साथ में सबमिट करना जरूरी होता है.

फॉर्म सबमिट होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी आपकी एप्लीकेशन और सबमिट किए गए प्रोजेक्ट की जांच करते हैं. सब कुछ नियमों के मुताबिक सही पाए जाने पर प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल जाती है. अप्रूवल मिलने के बाद सब्सिडी का पैसा अलग-अलग स्टेज में सीधे आवेदक के बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है.

फॉर्म सबमिट होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी आपकी एप्लीकेशन और सबमिट किए गए प्रोजेक्ट की जांच करते हैं. सब कुछ नियमों के मुताबिक सही पाए जाने पर प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल जाती है. अप्रूवल मिलने के बाद सब्सिडी का पैसा अलग-अलग स्टेज में सीधे आवेदक के बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है.

खेत के पास कोल्ड स्टोरेज होना एक स्मार्ट और टिकाऊ खेती का हिस्सा है. इससे न केवल आपकी फसल सुरक्षित रहती है. बल्कि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बचता है. अगर आप भी अपनी खेती को बिजनेस का रूप देना चाहते हैं, तो इस योजना का फायदा उठाकर अपने खेत में कोल्ड स्टोरेज जरूर शुरू करें.

खेत के पास कोल्ड स्टोरेज होना एक स्मार्ट और टिकाऊ खेती का हिस्सा है. इससे न केवल आपकी फसल सुरक्षित रहती है. बल्कि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बचता है. अगर आप भी अपनी खेती को बिजनेस का रूप देना चाहते हैं, तो इस योजना का फायदा उठाकर अपने खेत में कोल्ड स्टोरेज जरूर शुरू करें.

Published at : 04 Aug 2026 03:09 PM (IST)

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