अगले 30-40 दिन में तैयार हो जाएंगी ये सब्जियां? देख लें लिस्ट

अगले 30-40 दिन में तैयार हो जाएंगी ये सब्जियां? देख लें लिस्ट


अगर आप ऐसी सब्जियां उगाने की योजना बना रहे हैं, जिनकी फसल के लिए ज्यादा लंबा इंतजार न करना पड़े, तो कुछ कम अवधि वाली सब्जियां आपके लिए बेहतर विकल्प बन सकती हैं. अगर आप सही मौसम, अच्छी गुणवत्ता के बीज, मिट्टी की तैयारी, सिंचाई और नियमित देखभाल का ख्याल रखते हैं, तो इनके आधार पर कई सब्जियों की शुरुआती उपज करीब 30 से 40 दिन में मिलने लगती है. आइए बताते हैं आपको ऐसी ही कुछ सब्जियों के बारे में.

मूली है बेहतरीन विकल्प

मूली कम समय में तैयार होने वाली लोकप्रिय सब्जियों में शामिल है. अच्छी किस्म और अनुकूल मौसम में इसकी शुरुआती फसल लगभग 25 से 40 दिन में तैयार हो जाती है. इसके लिए भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयोगी रहती है. नियमित सिंचाई करने से जड़ का विकास बेहतर होता है. मूली की पत्तियों में भी पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए इन्हें भी आप सब्जी के रूप में इस्तेमाल करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

पालक होगा जल्दी तैयार

पालक को घर के किचन गार्डन और खेत में आसानी से उगाया जा सकता है. इसकी पत्तियों की पहली कटाई कई परिस्थितियों में करीब 25 से 40 दिन के आसपास शुरू हो जाती है. पालक के लिए पर्याप्त नमी और धूप जरूरी होती है. पत्तियों की नियमित कटाई करने पर पौधा आगे भी नई पत्तियां देता रहता है.

घर पर भी उगेगी मेथी

मेथी भी कम समय में तैयार होने वाली हरी सब्जियों में शामिल है. इसके बीज बोने के बाद करीब 20 से 30 दिन में कोमल पत्तियों की कटाई शुरू की जाती है. इसे गमले, क्यारी या छोटे कंटेनर में भी उगाया जा सकता है. घर पर ताजी मेथी पाने के लिए यह एक आसान विकल्प है.

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 धनिया भी है अच्छा विकल्प

धनिया के बिना भारतीय रसोई अधुरी मानी जाती है. इसे हर सब्जी और डिश में उपयोग किया जाता है. धनिया की पत्तियों के लिए इसकी खेती की जाती है और अनुकूल परिस्थितियों में करीब 25 से 40 दिन में कटाई शुरू की जा सकती है. बीज बोने से पहले उन्हें हल्का दबाकर या सावधानी से तोड़कर बोने से अंकुरण में मदद मिलती है. पर्याप्त धूप, नमी और अच्छी जल निकासी इसके लिए महत्वपूर्ण हैं.

खेती करते समय रखें कुछ बातों का ध्यान

कम अवधि में सब्जियां तैयार करने के लिए सिर्फ बीज बोना पर्याप्त नहीं होता. सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले बीज चुनना जरूरी है. खेत या क्यारी की मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ होनी चाहिए. सिंचाई करते समय यह ध्यान रखना भी जरूरी हैं कि मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा न हो. पौधों को पर्याप्त धूप मिलना भी जरूरी है. इसके अलावा खरपतवार को समय-समय पर हटाते रहना भी जरूरी है.

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