खेती के लिए पैसा चाहिए? इन सरकारी योजनाओं में मिल सकती है मदद

खेती के लिए पैसा चाहिए? इन सरकारी योजनाओं में मिल सकती है मदद


खेती-किसानी में पैसों की जरूरत हर मौसम में पड़ती है. कभी बीज-खाद खरीदने के लिए, कभी सिंचाई के लिए पंप लगवाने में, तो कभी फसल कटने के बाद उसे रखने के लिए गोदाम बनाने में. ऐसे में केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं, जो किसानों को सस्ता लोन और सब्सिडी देकर उनकी मदद करती हैं. जानते हैं कौन-कौन सी योजनाएं किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

पीएम किसान सम्मान निधि PM-KISAN इस योजना के तहत सरकार हर छोटे और सीमांत किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये की मदद देती है. यह रकम हर चार महीने में 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है. इस पैसे का इस्तेमाल किसान बीज, खाद या छोटे-मोटे खेती के खर्चों के लिए करते हैं.

किसान क्रेडिट कार्ड KCC

किसान क्रेडिट कार्ड KCC यह किसानों के लिए सबसे उपयोगी और पुरानी योजनाओं में से एक है. इसकी शुरुआत साल 1998 में हुई थी. इस योजना के तहत किसान को खेती से जुड़े खर्चों के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. खास बात यह है कि अगर किसान समय पर लोन चुका देता है, तो उसे सिर्फ 4 फीसदी सालाना ब्याज देना होता है, जबकि सामान्य ब्याज दर से सरकार 2 फीसदी की सब्सिडी और समय पर भुगतान करने पर 3 फीसदी का अतिरिक्त प्रोत्साहन देती है. 

पीएम कुसुम योजना

पीएम कुसुम योजना PM-KUSUM सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवाना अब पहले से काफी सस्ता हो गया है. पीएम कुसुम योजना के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय किसानों को सोलर पंप लगाने पर 60 फीसदी तक की सब्सिडी देता है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी शामिल है. यानी किसान को कुल लागत का सिर्फ करीब 40 फीसदी हिस्सा ही अपनी जेब से देना होता है. इससे न सिर्फ सिंचाई आसान होती है, बल्कि बिजली या डीजल का खर्च भी कम हो जाता है.

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कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, फसल कटने के बाद उसे सही तरीके से रखने के लिए गोदाम या कोल्ड स्टोरेज बनवाना जरूरी होता है, लेकिन इसमें बड़ी पूंजी लगती है. ऐसे में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत किसानों और किसान समूहों को 2 करोड़ रुपये तक का लोन कम ब्याज दर पर मिलता है. इससे किसान अपने स्तर पर गोदाम, कोल्ड स्टोरेज या अन्य कृषि ढांचा तैयार कर सकते हैं और फसल खराब होने से बचा सकते हैं.

कृषि मशीनीकरण योजना

आज के दौर में बिना आधुनिक मशीनों जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर के खेती करना बहुत मुश्किल है. अगर आपके पास मशीनें खरीदने के पैसे नहीं हैं, तो इस योजना के तहत सरकार भारी वित्तीय मदद देती है. इस योजना में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जाती है. महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को इसमें विशेष छूट मिलती है.

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