एंटी-कंवर्जन बिल पर बैकफुट पर गोवा सरकार, विरोध के बाद लिया बड़ा फैसला

एंटी-कंवर्जन बिल पर बैकफुट पर गोवा सरकार, विरोध के बाद लिया बड़ा फैसला


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • विधेयक पर अभी और गहन अध्ययन किया जाएगा।

गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने धर्मांतरण-विरोधी विधेयक यानी एंटी-कंवर्जन बिल को अब राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान चर्चा और पारित करने के लिए पेश नहीं करने का फैसला लिया है. भाजपा विधायक माइकल लोबो ने सोमवार (31 अगस्त, 2026) को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सावंत सरकार ने यह फैसला भाजपा सहित कई अन्य विधायकों की तरफ से विरोध दर्ज कराने के बाद किया है कि राज्य विधानसभा के जारी तीन-दिवसीय मानसून सत्र में इस बिल को पेश नहीं किया जाएगा.

कैबिनेट से बिल को मिल चुकी थी मंजूरी

जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ कड़े नियमों के साथ लाए गए ‘द गोवा प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कंवर्जन ऑफ रिलीजन बिल, 2026’ को गोवा सरकार की कैबिनेट ने पिछले हफ्ते ही मंजूरी दे दी थी. इस प्रस्तावित बिल को राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाना था, लेकिन विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार (31 अगस्त, 2026) को कई विधायकों के साथ बैठक की. 

यह बैठक इसी प्रस्तावित बिल को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें भाजपा के कुछ विधायकों और भाजपा समर्थित एक निर्दलीय विधायक ने प्रस्तावित बिल का विरोध किया. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद राज्य के कैलंगुट सीट से भाजपा विधायक माइकल लोबो ने कहा कि उन्हें लगा की सरकार ने बिल को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने में जल्दबाजी कर दी. उन्होंने कहा, ‘सीएम के साथ हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि मौजूदा विधानसभा सत्र में इस प्रस्तावित बिल को पेश नहीं किया जाएगा.’

बिल को लेकर क्या बोले लोबो?

लोबो ने कहा, ‘बिल नहीं आएगा. हमें अभी इसका अध्ययन करना होगा और सभी को भरोसे में लेना होगा. हमें यह समझना होगा कि आखिर इस बिल में क्या है. जो हो रहा है, वो गलत है. सभी लोगों की धार्मिक आस्थाएं जरूरी हैं और सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘देर-सबेर इस बात पर चर्चा होनी ही चाहिए कि गोवा के लिए क्या अच्छा है और क्या सही है. चीजें गलत दिशा में जा रही हैं.’ 

यह भी पढ़ेंः टूट गए गर्मी के सारे रिकॉर्ड! 1901 के बाद अगस्त बना सबसे गर्म महीना



Source link