- सीआईएएच ने गोमा यशी बेल विकसित की जो कम कांटेदार बेल है.
- चार-पांच साल में 89 किलो तक की बंपर पैदावार मिलेगी.
- कम रखरखाव, पतली छाल, मीठा और हेल्दी फल जिसे बेचकर कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा.
अगर आप अपने घर के गार्डन में ऐसा फलदार पेड़ लगाने की सोच रहे हैं जो कम मेहनत में अच्छी पैदावार दे तो गोमा यशी बेल एक बढ़िया चॉइस है. पारंपरिक बेल के पेड़ों के साथ अक्सर यह परेशानी होती थी कि वह बहुत बड़े हो जाते थे उन पर कांटे ज्यादा होते थे और फल आने में सालों लग जाते थे. केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान यानी सीआईएएच, गोधरा में विकसित गोमा यशी वैरायटी ने इसमें बदलाव किया है.
इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पौधा बहुत ज्यादा ऊंचा नहीं फैलता बल्कि एक सधे हुए साइज में रहता है. यह पेड़ सिर्फ चार से पांच साल में ही अपनी पूरी क्षमता से फल देने लगता है और एक ही सीजन में प्रति पेड़ 89 किलोग्राम तक की बंपर पैदावार रिकॉर्ड की गई है. आजकल लोग अपने घरों में इसे खूब लगा रहे हैं. आप भी जान लीजिए इसे लगाने का तरीका.
कम जगह में ज्यादा मुनाफा
पारंपरिक देसी बेल के मुकाबले गोमा यशी का कैनोपी स्ट्रक्चर काफी कॉम्पैक्ट और मैनेजेबल होता है. इसका पेड़ झाड़ीनुमा और मीडियम हाइट का रहता है. जिससे घर के आंगन, बगीचे में भी इसे आसानी से संभाला जा सकता है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इसमें नार्मल बेल की तुलना में कांटे बेहद कम या न के बराबर होते हैं. जिससे प्रूनिंग और फ्रूट पिकिंग के समय हाथ छिलने का डर नहीं रहता है.
इस किस्म का हर फल लगभग 1 से 1.5 किलो वजन का होता है. जिसकी बाहरी त्वचा पतली और चिकनी होती है. पतले छिलके की वजह से फल को तोड़ना और उसका पल्प निकालना बेहद आसान हो जाता है. एक पेड़ से 89 किलो तक फल मिलना इस बात का सबूत है कि इसकी फ्रूट सेटिंग कैपेसिटी काफी अच्छी है.
शुरुआती देखभाल के तरीके
गोमा यशी को उगाने के लिए किसी हाई-फाई सेटअप और महंगी खाद-दवा की जरूरत नहीं पड़ती. यह पौधा तपती धूप, बंजर जमीन और कम पानी वाले इलाकों में भी आसानी से सरवाइव कर लेता है. इसे लगाने के लिए 2×2 फीट का गड्ढा खोदें और उसमें बराबर मात्रा में नॉर्मल गार्डन सॉइल, पुरानी गोबर की खाद और थोड़ी सी नीम खली मिला दें. गड्ढे में जलभराव नहीं होना चाहिए.
क्योंकि बेल को वेल-ड्रेन्ड मिट्टी ही पसंद आती है. शुरुआती एक साल पौधे को नियमित पानी दें जिससे जड़ें गहराई तक सेट हो जाएं उसके बाद यह खुद ही जमीन से अपनी नमी खींच लेता है. साल में सिर्फ दो बार मानसून की शुरुआत और सर्दियों के आखिर में देसी खाद डाल देना इसकी ग्रोथ और फ्लावरिंग को बूस्ट करने के लिए काफी है.

हेल्थ के लिए भी अच्छा
गर्मियों के मौसम में बेल का शर्बत पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता और गोमा यशी का पल्प स्वाद में बेहद मीठा व खुशबूदार होता है. इसमें फाइबर, विटामिन सी, राइबोफ्लेविन और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है. जो आंतों की सेहत और डाइजेशन को चुस्त-दुरुस्त रखती है. घर के बगीचे में एक पेड़ लगाकर आप पूरे सीजन अपने परिवार को बिना केमिकल वाला फ्रेश ड्रिंक दे सकते हैं.
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कमाई के लिए भी बढ़िया
वहीं अगर आप इससे कमाई करना चाहते हैं. तो पैदावार बढ़ाकर और पेड़ लगा सकते हैं. और इसके फल और पल्प की लोकल मार्केट में बेच सकते हैं क्योंकि इनकी अच्छी खासी डिमांड रहती है. एक पेड़ से 89 किलो फलों से निकला बढ़िया पल्प हर्बल कंपनियों और जूस बार्स को अच्छे दामों पर बेचा जा सकता है. कम लगात और जीरो मेंटेनेंस के साथ यह वैरायटी लंबे समय तक बढ़िया मुनाफा देती रहती है.
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