शुगर फ्री मिठास के लिए घर पर लगाएं ये पौधा, डायबिटीज के लिए बेस्ट

शुगर फ्री मिठास के लिए घर पर लगाएं ये पौधा, डायबिटीज के लिए बेस्ट


आज की बदलती लाइफस्टाइल में डायबिटीज और बढ़ता वजन लगभग हर किसी के लिए चिंता की बात बन चुका है. मीठा खाने की चाहत तो हर किसी को होती है लेकिन चीनी में मौजूद हाई कैलोरी और शुगर स्पाइक का डर कदम रोक देता है. ऐसे में अगर आपको कोई ऐसा नेचुरल ऑप्शन मिल जाए जो चीनी से 300 गुना ज्यादा मीठा हो और उसमें कैलोरी भी बिल्कुल जीरो हो तो जिंदगी कितनी आसान हो जाएगी. 

तो आपको बता दें इस ऑप्शन का नाम है स्टीविया जिसे मीठी तुलसी के नाम से भी जाना जाता है. यह पौधे इन दिनों हेल्थ कॉन्शियस लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. इसे हर्बल शुगर भी कहा जाता है. क्योंकि इसकी पत्तियां बिना किसी साइड इफेक्ट के नेचुरल मिठास देती हैं. स्टीविया को अपने होम गार्डन में उगाना बेहद आसान है. अब बाजार से चीनी खरीदने के बजाय आप घर पर ही इसका पौधा लगाकर हेल्दी मिठास का भरपूर फायदा उठा सकते हैं.

गमले में पौधा लगाने की शुरुआत 

स्टीविया को घर पर उगाने के लिए आपको किसी बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. यह 10 से 12 इंच के नॉर्मल गमले में भी बढ़ जाता है. इसे बीज से उगाने के बजाय नर्सरी से तैयार पौधा लाकर लगाना सबसे आसान और सफल तरीका माना जाता है. गमला तैयार करते समय मिट्टी का ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रखें. 

जिससे पानी रुककर जड़ों को न सड़ाए. मिट्टी तैयार करने के लिए 50 फीसदी नॉर्मल गार्डन सॉइल, 30 फीसदी पुरानी गोबर की खाद और 20 फीसदी रेत मिलाना सबसे सही रहता है. गमले के नीचे ड्रेनेज होल पर छोटा ठीकर रखकर उसमें यह मिक्स भरें और पौधे को बीचों-बीच लगा दें. लगाने के बाद एक बार बढ़िया से पानी दें और पौधे को एक-दो दिन हल्की छांव वाली जगह पर सेट होने के लिए छोड़ दें.

सही देखभाल के एकदम आसान तरीके

स्टीविया के पौधे के लिए धूप काफी जरूरी होती है. इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की अच्छी धूप आती हो. अगर धूप कम मिलेगी तो पौधे की ग्रोथ धीमी पड़ जाएगी और पत्तियों में वह मिठास नहीं बन पाएगी. पानी देने के मामले में थोड़ी समझदारी जरूरी है. गमले की मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें लेकिन ज्यादा पानी भी इसमें जमा न होेने दें. 

जब भी गमले की ऊपरी 1 इंच मिट्टी सूखी दिखे तभी पानी डालें. स्टीविया के पौधे में केमिकल वाली खाद सही नहीं रहती है. इसलिए बेहतर है कि महीने में एक बार थोड़ी सी वर्मीकम्पोस्ट या फिर नीम खली का पाउडर डाल दिया जाना चाहिए. जैसे ही इसके पौधे की टहनियां 8 से 10 इंच की हों ऊपर से हल्की पिंचिंग कर दें इससे पौधा काफी घना होता है और पत्तियां ज्यादा निकलती हैं.

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इस पौधे से सेहत को होने वाले फायदे

जब पौधा पूरी तरह हरा-भरा और 1 से डेढ़ फीट का हो जाए. तब आप इसकी पत्तियों की हार्वेस्टिंग शुरू कर सकते हैं. फूल आने से ठीक पहले पत्तियां तोड़ना सबसे सही रहता है. क्योंकि इस समय उनमें सबसे ज्यादा मिठास होती है. आप इन ताजी पत्तियों को धोकर सीधे सुबह की चाय, ग्रीन टी, लेमन टी या काढ़े में डाल सकते हैं. इसके अलावा पत्तियों को धोकर छांव में सुखा लें और मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें. 

शुगर फ्री मिठास के लिए घर पर लगाएं ये पौधा, डायबिटीज के लिए बेस्ट

इस हर्बल पाउडर को कांच के जार में भरकर महीनों तक स्वीटनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. स्टीविया ब्लड शुगर लेवल को बिल्कुल नहीं बढ़ाता और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करने में मदद करता है. इसके साथ ही यह वजन घटाने और बीपी कंट्रोल रखने में भी मददगार होता है. जिससे डायबिटीज मरीज बिना किसी चिंता के मीठे का मजा ले सकते हैं.

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