किचन गार्डन में ऐसे शुरू करें भिंडी की खेती, जानें कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

किचन गार्डन में ऐसे शुरू करें भिंडी की खेती, जानें कैसी होनी चाहिए मिट्टी?


भिंडी ऐसी सब्जी है जिसे घर के किचन गार्डन में आसानी से उगाया जाता है. इसके लिए बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. गमले या छोटे से क्यारी में भी भिंडी का पौधा लगाया जा सकता है. हालांकि अच्छी फसल के लिए मिट्टी का सही होना बहुत जरूरी है. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली है तो पौधे की जड़ो को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए बीज बोने से पहले मिट्टी तैयार करने पर खास ध्यान देना चाहिए.

 भिंडी के लिए कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

भिंडी की खेती के लिए ऐसी मिट्टी अच्छी रहती है जो नरम, उपजाऊ और पानी को आसानी से बाहर निकालने वाली हो. दोमट मिट्टी को इसके लिए बेहतर माना जाता है. किचन गार्डन में मिट्टी तैयार करते समय सामान्य गार्डन मिट्टी के साथ गोबर की सड़ी खाद या कंपोस्ट मिलाई जाती है. इससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ते हैं और पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है. अगर आप भिंडी को गमले में लगा रहे हैं तो गमला बहुत छोटा नहीं होना चाहिए. कम से कम 12 से 15 इंच गहरे गमले का इस्तेमाल किया जाता है. गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि पानी जमा न रहे. मिट्टी में थोड़ी रेत मिलाने से भी अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है.

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बीज लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

भिंडी के लिए अच्छे और स्वस्थ बीज चुनना जरूरी है. बीजों को सीधे मिट्टी में बोने से पहले कुछ घंटे पानी में भिगोकर रखा जाता है. इससे बीज जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है. बीजों को मिट्टी में बहुत ज्यादा गहराई पर नहीं डालना चाहिए. करीब एक से डेढ़ इंच गहराई पर्याप्त रहती है.बीज बोने के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें. ज्यादा पानी डालने से मिट्टी में पानी जमा हो जाता है और बीज खराब होने लगते हैं. कुछ दिन बाद जब पौधे निकल आएं तो कमजोर पौधों को हटाकर स्वस्थ पौधों के बीच पर्याप्त जगह रखी जाती है. इससे पौधों को हवा और धूप अच्छी तरह मिलती है.

धूप और पानी का रखें सही बैलेंस

भिंडी के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोज पर्याप्त धूप की जरूरत होती है. किचन गार्डन में पौधे को ऐसी जगह रखें जहां करीब 6 से 8 घंटे तक धूप मिल सके. धूप कम मिलने पर पौधा कमजोर रह सकता है और फलियां भी कम आती हैं. पानी देते समय भी सावधानी जरूरी है. रोज बहुत ज्यादा पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर पानी देना चाहिए. जब ऊपर की मिट्टी सूखी दिखाई दे तभी पानी दें. गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ जाती है, जबकि बारिश के समय पानी कम देना चाहिए.पौधे में फूल आने के बाद छोटी-छोटी भिंडी की फलियां दिखाई देने लगती हैं. इन्हें ज्यादा बड़ा होने से पहले तोड़ लेना चाहिए. समय पर भिंडी तोड़ने से पौधे पर नई फलियां आने की प्रक्रिया बनी रहती है. सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी के साथ किचन गार्डन में भिंडी की अच्छी फसल ली जाती है.

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