आज की बढ़ती महंगाई में एक व्यक्ति के कमाने से घर नहीं चल रहा है. यही कारण है कि लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेते हैं. ऐसे में अगर आपने भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI से होम लोन या कोई दूसरा लोन लिया हुआ है तो यह जानकारी आपके लिए है.
दरअसल, SBI बैंक ने कुछ अवधि के लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. यानी अब जिन भी ग्राहकों के लोन की ब्याज दर इन दरों से जुड़ी है तो अब उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा EMI भरनी पड़ सकती है. इसलिए अब SBI के ग्राहकों के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर बैंक ने किन दरों में बदलाव किया है. साथ ही इस बदलाव का EMI पर कितना असर पड़ेगा.
RLLR में भी हुई बढ़ोतरी
रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत हो गई है. यानी इसमें 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ CRP जुड़ेगा. ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने से इन ग्राहकों की EMI पर असर पड़ सकता है.
MCLR में भी हुई बढ़ोतरी?
अहम बात ये है कि SBI ने कुछ अवधि के लिए MCLR में भी बढ़ोतरी की है. एक साल का MCLR 8.70 प्रतिशत से बढ़कर 8.85 प्रतिशत हो गया है. वहीं तीन महीने की दर 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 8.40 प्रतिशत हो गई है. इसके अलावा छह महीने की 8.75 प्रतिशत और तीन साल की दर 8.95 प्रतिशत हो गई है. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि एक महीने और ओवरनाइट की MCLR 7.85 प्रतिशत ही है.
EBLR में कितनी हुई बढ़ोतरी?
SBI ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट( EBLR) को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है. इसमें 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ध्यान रखें कि इसके साथ ही इसमें CRP और BSP भी जुड़ेंगे. यानी जिनका लोन इन दरों से जुड़ा है, उन्हें पहले के मुकाबले EMI ज्यादा भरनी पड़ सकती है. ऐसे में सबसे अहम सवाल ये है कि ये बदलाव आखिर लागू कब से हो रहा है?
कब से लागू होंगी नई दरें?
बता दें कि ये नई दरें आज यानी 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं. SBI ने इन नई दरों को आज से लागू करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है. हां, लेकिन एक बात का खास ध्यान रखें, इन दरों के आज से लागू होने के बाद आपकी हर महीने की EMI पर इसका असर कब दिखेगा, ये बात इस पर निर्भर करती है कि आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है.
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