जनरेटर कैसे बनाता है बिजली, इससे कितने एसी चला सकते हैं?

जनरेटर कैसे बनाता है बिजली, इससे कितने एसी चला सकते हैं?


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  • बिजली कटौती में जनरेटर यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत में बदलता है।
  • इंजन ईंधन जलाकर अल्टरनेटर घुमाता, जिससे बिजली बनती है।
  • डेढ़ टन एसी को न्यूनतम ५ केवीए जनरेटर चाहिए।

दुनिया में भले ही खूब तरक्की हो गई हो तरह-तरह की टेक्नालाॅजी आ गई हो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने तहलका मचा दिया हो. इन सब के बावजूद हमारे देश में आज भी कई छोटे शहर ऐसे हैं जहां पूरे 24 घंटे बिजली नहीं मिलती. इसके अलावा बड़े शहरों में भी अलग-अलग वजहों से लंबा पावर कट लग जाता है. ऐसे में कई बार लोगों के जरूरी काम अटक जाते हैं. कुछ लोग तो इन्वर्टर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन गर्मियों में जब एसी चलानी हो तो फिर किसी जनरेटर ज्यादा सही होता है.

क्या आपने कभी सोचा है कि डीजल से चलने वाली यह मशीन बिजली कैसे बनाती है? आम तौर पर लोग यही समझते हैं कि जनरेटर अपने अंदर से बिजली पैदा करता है. जबकि इसके काम करने का तरीका थोड़ा अलग है. चलिए आपको बताते हैं जनरेटर कैसे बनाता है बिजली और एक जनरेटर पर आप कितने एसी चला सकते हैं. 

जनरेटर से कैसे बनती है बिजली? 

जनरेटर से बिजली बनाने को लेकर अगर आपके मन में सवाल आता है तो पहले जान लें इसके पीछे कौनसा साइंस काम करता है. साइंस के नियम के मुताबिक जनरेटर असल में मैकेनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलने का काम करता है. इसके अंदर दो बड़े हिस्से होते हैं पहला इंजन और दूसरा अल्टरनेटर. जब आप जनरेटर में डीजल, डालकर उसे स्टार्ट करते हैं तो उसका इंजन ठीक कार या बाइक के इंजन की तरह काम करना शुरू करता है. 

यह इंजन ईंधन जलाकर ताकत पैदा करता है और अपने से जुड़े अल्टरनेटर के रोटर को बहुत तेज रफ्तार से घुमाता है. अल्टरनेटर के अंदर तांबे की तारों की बाइंडिंग और एक पाॅवरफुल मैग्नेटिक फील्ड होता है. जब इंजन की ताकत से यह मैग्नेट तारों के बीच तेजी से घूमता है तो वहां इलेक्ट्रॉन्स का बहाव शुरू हो जाता है. बस इसी बहाव को हम बिजली कहते हैं जो केबल के जरिए आपके घर के मेन स्विच बोर्ड तक पहुंचती है.

AC चलाने से पहले यह बातें जान लें

जनरेटर से कितने एसी चलेंगे यह जानने से पहले आपको AC के बिजली खर्च का हिसाब समझना होगा. घर या ऑफिस में लगने वाला एक सामान्य 1.5 टन का एसी जब लगातार चलता है. तो वह करीब 1500 से 1800 वाट यानी 1.5 से 1.8 किलोवाट बिजली खींचता है. इसे रनिंग लोड कहते हैं. लेकिन जब AC का कंप्रेसर स्टार्ट होता है तो चालू होते वक्त नॉर्मल एसी अपनी क्षमता से लगभग दोगुना यानी 3000 से 3500 वाट तक का झटका मारता है.

जिसे स्टार्टिंग लोड कहा जाता है. अगर आपका जनरेटर इस शुरुआती झटके को झेलने लायक नहीं है तो AC ऑन करते ही जनरेटर दबकर बंद हो जाएगा या उसकी MCB गिर जाएगी. हालांकि अगर आपके घर में नए जमाने का इनवर्टर एसी लगा है तो इनवर्टर एसी धीरे-धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाता है. इसलिए वह स्टार्ट होते समय अचानक भारी लोड नहीं लेता और जनरेटर पर आसानी से चल जाता है.

जनरेटर कैसे बनाता है बिजली, इससे कितने एसी चला सकते हैं?

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कितने kVA के जनरेटर पर चलेंगे कितने एसी? 

बाजार में जनरेटर की कैपेसिटी किलोवोल्ट-एम्पीयर यानी kVA में मापी जाती है. 1 kVA का मतलब लगभग 800 वाट बिजली होता है. अब अगर आप घर में 1.5 टन का एक एसी और साथ में पंखे-लाइट चलाना चाहते हैं. तो आपको कम से कम 5 kVA का जनरेटर लगाना होगा. छोटे 3 kVA के पोर्टेबल जनरेटर पर 1 टन का इनवर्टर AC तो खींचतान कर चल सकता है. 

लेकिन 1.5 टन के AC पर वह सही से काम नहीं कर पाएगा. वहीं, अगर आप एक साथ 1.5 टन के दो AC चलाना चाहते हैं. तो इसके लिए 7.5 kVA से लेकर 10 kVA तक का जनरेटर सबसे सही रहता है. इसी तरह 3 से 4 AC का लोड उठाने के लिए 15 kVA या उससे बड़े साइलेंट डीजल जनरेटर की जरूरत पड़ती है. एक जरूरी बात याद रखें जनरेटर पर अगर एक से ज्यादा AC चलाने हों तो सभी को एक साथ ऑन न करें बल्कि 2-3 मिनट के अंतराल पर एक-एक करके चालू करें.

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