रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आगामी आईपीओ (IPO) को लेकर निवेशकों के बीच काफी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, IPO में निवेश के लिए घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की मांग सामने आई है.
इससे शेयर बाजार में जियो की लिस्टिंग से पहले ही निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस IPO में भारत की बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों और बीमा कंपनियों के साथ कई विदेशी निवेश फंड भी पैसा लगाने के इच्छुक हैं.
Jio IPO में किन बड़े निवेशकों की दिलचस्पी?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कई बड़े निवेशकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है. इनमें भारतीय और विदेशी संस्थागत निवेशक दोनों शामिल हैं.
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC).
- SBI म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड.
- फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, कैपिटल ग्रुप और ब्लैकरॉक जैसी अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियां.
- सिंगापुर का सरकारी निवेश फंड GIC.
- नॉर्वे का Norges Bank Investment Management.
- अबू धाबी का Abu Dhabi Investment Authority.
- कतर का Qatar Investment Authority.
रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 10 बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों और पांच प्रमुख बीमा कंपनियों की ओर से भी इस आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई गई है.
मोबाइल कंपनी से डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म तक जियो का सफर
Jio प्लेटफॉर्म्स ने टेलीकॉम कंपनी के रूप में शुरुआत की थी, लेकिन अब इसका कारोबार कई डिजिटल सेवाओं तक फैल चुका है. कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ ब्रॉडबैंड, क्लाउड सेवाओं, मनोरंजन और कारोबारी डिजिटल सेवाओं में भी काम करती है. जानकारों के मुताबिक, कारोबार के इन अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूदगी जियो को फ्यूचर में कमाई बढ़ाने के बड़े अवसर देती है.
इस IPO के जरिए निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स में सीधे हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा. फिलहाल, Jio प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है. शेयर बाजार में अलग से लिस्टिंग होने के बाद कंपनी के कारोबार का स्वतंत्र बाजार मूल्य तय हो सकेगा.
Jio IPO से जुड़ी 8 अहम बातें
1. IPO खुलने से पहले ही 2.5 लाख करोड़ की मांग
Jio के IPO बड़े निवेशकों ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की दिलचस्पी दिखाई है. इससे IPO खुलने से पहले ही कंपनी को लेकर निवेशकों के उत्साह का पता चलता है.
2. कई देशों के सरकारी निवेश फंड भी इच्छुक
सिंगापुर, नॉर्वे, अबू धाबी और कतर के सरकारी निवेश फंडों ने भी Jio के IPO में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है. इससे Jio के IPO को लेकर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की दिलचस्पी का संकेत मिलता है.
3. भारत के बड़े निवेशक भी शामिल
LIC, SBI म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड जैसे बड़े घरेलू निवेशक के नाम भी सामने आए हैं. इसके अलावा, देश की 10 प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों और पांच बड़ी बीमा कंपनियों की ओर से भी मांग की जानकारी सामने आई है.
4. दुनिया की बड़ी निवेश कंपनियों की नजर
ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स और कैपिटल ग्रुप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियां भी जियो के आईपीओ में निवेश करना चाहती हैं.
5. सिर्फ मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है जियो
जियो का कारोबार मोबाइल सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, क्लाउड, मनोरंजन और कारोबारी डिजिटल सेवाओं तक फैला हुआ है. ऐसे में निवेशकों को कंपनी के व्यापक डिजिटल कारोबार में हिस्सेदारी लेने का अवसर मिल सकता है.
6. Jio प्लेटफॉर्म्स में सीधे निवेश का मौका
अभी तक जियो के कारोबार में हिस्सेदारी पाने के लिए निवेशक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद सकते थे. IPO और अलग लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर सीधे खरीदने का अवसर मिलेगा.
7. IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119
दरअसल, Jio के IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर है. हालांकि, निवेश से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में कीमत और अन्य शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है.
8. IPO 21 से 23 अक्टूबर तक खुलने की जानकारी
दी गई जानकारी के नुताबिक, Jio के IPO 21 अक्टूबर को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है. हालांकि, निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणा और IPO की आखिरी तारीखों की पुष्टि जरूर करें.
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