रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट ग्रुप में सोमवार (19 अक्टूबर) को मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रनों की पारी खेलकर खूब सुर्खियां बटोरीं. वह रणजी के इतिहास में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने. इसके साथ चिन्मय ने 78 साल पुराना रिकॉर्ड भी चकनाचूर कर दिया. शानदार पारी खेलने के बाद चिन्मय के बताया यह उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था. दिन खत्म होने के बाद उन्होंने सबसे पहले पिता को कॉल किया.
मैच में पहली पारी के लिए बैटिंग पर उतरी मिजोरम की टीम ने चिन्मय की 400 रनों की पारी की बदौलत बड़ा टोटल बोर्ड पर लगाया. चिन्मय की पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. टीम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. यहां गौर करने वाली बात यह रही कि चिन्मय के अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज 100 रन आंकड़ा भी पार नहीं कर सका.
400 रन की पारी के बाद क्या बोले?
चिन्मय सुतार ने 400 रनों की पारी के बाद न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, “हां, 400 रन बनाना बहुत शानदार एहसास था. मुझे लगा कि यह किसी सपने जैसा है.”
सबसे पहले पिता को किया फोन
चिन्मय ने आगे बताया कि पारी के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने पिता को फोन किया. इस पर मिजोरम के खिलाड़ी ने कहा, “हां, दिन का खेल समाप्त होने के बाद मैंने सबसे पहले अपने पिता को फोन किया. यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी और मैं सबसे पहले यह खुशी अपने पिता के साथ साझा करना चाहता था. शुरुआती दिनों से ही उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया है.”
सुतार ने आगे कहा, “जब भी मुझे खेलने का मौका नहीं मिल पाता था तो वह हमेशा मेरे साथ खड़े रहते थे. वह मुझे मजबूत बने रहने और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने की सलाह देते थे. अब जब मेरे करियर में इतना बड़ा पल आया तो मुझे लगा कि सबसे पहले मुझे उन्हीं से बात करनी चाहिए.”
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