अहिंसा के प्रतीक… US के नॉर्थ डकोटा में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण

अहिंसा के प्रतीक… US के नॉर्थ डकोटा में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण


अमेरिका के नॉर्थ डकोटा राज्य की राजधानी बिस्मार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित की गई है. सिएटल में स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास (Consulate General), नॉर्थ डकोटा के भारतीय-अमेरिकी समुदाय और नॉर्थ डकोटा ट्रेड ऑफिस के सहयोग से बिस्मार्क के डाउनटाउन स्थित ‘पीस पार्क(शांति पार्क)’ में  इस मूर्ति का अनावरण किया गया. इस कार्यक्रम में नॉर्थ डकोटा की फर्स्ट लेडी क्येर्स्टी आर्मस्ट्रांग, नॉर्थ डकोटा के कृषि कमिशनर डग गोहरिंग और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत (consul general) प्रकाश गुप्ता शामिल हुए.

इस कार्यक्रम में अमेरिका और भारत दोनों के राष्ट्रगान गाए गए, जिसके बाद नॉर्थ डकोटा के स्कूली छात्रों ने गांधी जी के पसंदीदा भजन गाए. गांधी जयंती के महीने में आयोजित यह कार्यक्रम, जिसे दुनिया भर में 2 अक्टूबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती वर्ष का प्रतीक है.

नॉर्थ डकोटा के कृषि कमिशनर ने किया गांधीजी को याद

नॉर्थ डकोटा के कृषि कमिशनर डग गोहरिंग वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच बढ़ती दोस्ती पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि “महात्मा गांधी का संदेश न केवल भारत और पूरी दुनिया के लिए, बल्कि नॉर्थ डकोटा के लोगों के लिए भी बहुत मायने रखता है.” उन्होंने इस मूर्ति को शांति और अहिंसा का प्रतीक बताया और गांधी जी के उन विचारों को याद किया जिन्हें पूरी दुनिया को अपनाना चाहिए.

नॉर्थ डकोटा की ‘फर्स्ट लेडी’ भी हुईं शामिल

नॉर्थ डकोटा की ‘फर्स्ट लेडी’ केर्स्टी आर्मस्ट्रांग ने भी महात्मा गांधी  के लिए सम्मान व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि “गांधी जी की विरासत का जश्न मनाना सम्मान की बात है, और आज के समय में यह विरासत पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.”

9/11 के बाद बना यह पीस पार्क 

डाउनटाउन बिस्मार्क के बीचों-बीच, 400 ईस्ट फ्रंट एवेन्यू पर स्थित ‘पीस पार्क’ (शांति पार्क) को 11 सितंबर 2001(9/11) के हमलों के कुछ समय बाद बनाया गया था. इस पार्क में ‘गांधी पीस नेटवर्क ऑफ नॉर्थ डकोटा’ द्वारा स्थापित एक ‘पीस पोल’ (शांति स्तंभ) और कांस्य की बनी अन्य कलाकृतियां भी मौजूद हैं. भारतीय दूतावास ने अपने प्रेस नोट में कहा कि “महात्मा गांधी जिनका जीवन और संदेश शांति और अहिंसा के प्रतीक हैं, उनकी यह मूर्ति अब पीस पार्क की अन्य कलाकृतियों के साथ जुड़ गई है, जिससे नॉर्थ डकोटा की राजधानी के सार्वजनिक कला धरोहर में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है.

सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने ‘केएफवाईआर टीवी’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘‘आज जब दुनिया बहुत बंटी हुई है और दुनियाभर में संघर्ष जारी हैं, ऐसे समय में नॉर्थ डकोटा से गांधीजी के अहिंसा के संदेश का प्रसार होना बेहद महत्वपूर्ण है. यह संदेश न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचना चाहिए. यह उस बुनियादी सोच को दर्शाता है, जिसके आधार पर भारत और अमेरिका एक-दूसरे को देखते हैं. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र.’’

भारतीय दूतावास की लगातार पहल

सिएटल में भारत के पहले महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के बाद से, भारत और नॉर्थ डकोटा के बीच आपसी जुड़ाव लगातार बढ़ा है. 2024 और 2026 में महावाणिज्य दूत की नॉर्थ डकोटा राज्य की यात्राओं के दौरान उन्होंने गवर्नर, बिस्मार्क के मेयर, और कृषि, व्यापार तथा शिक्षा क्षेत्र के नेताओं से मुलाकात की. इसके अलावा दूतावास ने फार्गो में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026’ और फरवरी 2026 में लगाया गया ‘कॉन्सुलर कैंप’ शामिल है.

अब तक गांधीजी की 5 मूर्तियां 

भारतीय दूतावास ने बताया है कि नॉर्थ डकोटा में स्थापित की गई इस मूर्ति से पहले अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थ और मिडवेस्ट क्षेत्रों में इससे पहले सिएटल में ‘स्पेस नीडल’ के पास (अक्टूबर 2024), लिंकन, नेब्रास्का में ‘स्टेट कैपिटल’ के पास (दिसंबर 2024), और मिसौला में मोंटाना विश्वविद्यालय के ‘मैन्सफील्ड सेंटर’ (मार्च 2026) में भी ऐसी मूर्तियां लगाई जा चुकी हैं. बेलेव्यू पब्लिक लाइब्रेरी (अक्टूबर 2009) में स्थापित प्रतिमा को मिलाकर, यह सिएटल स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में महात्मा गांधी का 5वां स्मारक है.



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