ब्रिटिश काउंसलर को पाकिस्तान ने किया डिटेन, की थी कश्मीरियों के हक की बात

ब्रिटिश काउंसलर को पाकिस्तान ने किया डिटेन, की थी कश्मीरियों के हक की बात


कश्मीरियों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाले ब्रिटिश लेबर पार्षद दालत अली को अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया था. उन्हें 28 अक्टूबर को लाहौर एयरपोर्ट पर उस समय रोक लिया गया जब वो पाकिस्तान से वापस ब्रिटेन जा रहे थे. लाहौर एयरपोर्ट पर उन्हें बताया गया कि उनका नाम इमिग्रेशन कंट्रोल लिस्ट में है. दालत अली पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं. वह एक लेखक, फिल्म निर्माता और लेबर पार्टी के काउंसलर हैं. उन्हें वापस ब्रिटेन जाने से रोकने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है.

दालत अली रोचडेल के मेयर फैसल राणा के नेतृत्व में एक आधिकारिक दल के साथ पंजाब के साहीवाल शहर की यात्रा पर गए थे. रोचडेल काउंसिल का मानना है कि दालत अली पर यह कार्रवाई उनके कश्मीर से जुड़े अभियानों और बेबाक विचारों के कारण की गई है क्योंकि उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान ने PoK पर गैर-कानूनी ढंग से कब्जा किया हुआ है. मैनचेस्टर इवनिंग न्यूज और फिर कश्मीर टाइम्स ने इस खबर को लेकर रिपोर्ट की, जिसके बाद ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन और भारतीय मानवाधिकार कार्यकर्ता अजहर अहमद ने चिंता जताते हुए ब्रिटेन सरकार से हस्तक्षेप की मांग की. 

PoK जुल्म ढाह रही पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तान की यह कार्रवाई PoK में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच हुई है, जहां नागरिक अधिकारों की मांग कर रहे कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. इंटरनेट बंद कर दिया गया है और पत्रकारों पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं. पाकिस्तान सरकार ने विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर सख्त नियम लागू करने के साथ ही PoK प्रदर्शनों को कवर करने वाले कश्मीरी पत्रकार दानिश इरशाद को आतंकवाद की वॉचलिस्ट में डाल दिया है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि दालत अली को रोकना पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने और राजनीतिक धमकी देने का उदाहरण है.

यूके काउंसलर को एयरपोर्ट पर रोका गया

कश्मीर टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश नेता दालत अली को इस्लामाबाद एयरपोर्ट पहुंचने पर रोक लिया गया था और उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई थी. इसके बाद ब्रिटिश और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया. रोचडेल बरो काउंसिल ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि दालत अली को थोड़े समय के लिए रोका गया था. काउंसिल का मानना है कि यह कार्रवाई कश्मीर मुद्दे पर उनके सालों से चले आ रहे व्यक्तिगत अभियानों से जुड़ी हो सकती है. वहीं ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने और बाद में छोड़े जाने की पुष्टि की है और कहा है कि वे स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. 

28 अक्टूबर को जब दालत अली ब्रिटेन लौटने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे  उन्हें फ्लाइट से उतार दिया गया. इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनका नाम फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की कंट्रोल लिस्ट में शामिल है. FIA पाकिस्तान की केंद्रीय जांच और इमिग्रेशन एजेंसी है, जो संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और उन्हें देश छोड़ने से रोकने के लिए ऐसे लिस्ट का इस्तेमाल करती है.

ब्रिटिश सांसद ने जताई नाराजगी

इस मामले पर ब्रैडफोर्ड ईस्ट से ब्रिटिश लेबर सांसद इमरान हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि यह पूरी तरह से गलत है और उन्होंने अली की सुरक्षित वापसी के लिए मंत्रियों के सामने यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने आगे कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान होना चाहिए और कश्मीरियों के बुनियादी मानवाधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता.



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