Amazing Temple: भारत के मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं. कहीं भगवान को मिट्टी का प्रसाद चढ़ाया जाता है तो कहीं पंचामृत का भोग लगाया जाता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि तमिलनाडु के मदुरै स्थित कल्लाझागर (अळगर कोविल) मंदिर में भगवान विष्णु को प्रतिदिन काली मिर्च से बना विशेष ‘मिलगु दोसा’ अर्पित किया जाता है? यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है और दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धार्मिक अनुष्ठानों में गिनी जाती है.
कहां स्थित है यह मंदिर?
कल्लाझागर मंदिर तमिलनाडु के मदुरै जिले की पहाड़ियों के बीच स्थित है. यह भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशम (Divya Desam) में शामिल प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है. यहां भगवान विष्णु की पूजा कल्लाझागर स्वरूप में की जाती है और देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
क्या है काली मिर्च वाले प्रसाद की खासियत?
इस मंदिर में भगवान को साधारण दोसा नहीं, बल्कि ‘मिलगु दोसा’ का भोग लगाया जाता है. यह विशेष दोसा चावल, उड़द दाल, जीरा, सूखी अदरक और साबुत काली मिर्च से तैयार किया जाता है तथा घी में पकाया जाता है. इसके बाद इसे भगवान को नैवेद्य के रूप में अर्पित किया जाता है और बाद में श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है.
क्यों चढ़ाया जाता है ऐसा प्रसाद?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, यह विशेष प्रसाद मंदिर की प्राचीन वैष्णव परंपरा का हिस्सा है. काली मिर्च, जीरा और सूखी अदरक जैसे मसालों से तैयार यह नैवेद्य स्वास्थ्यवर्धक और सात्विक माना जाता है. सदियों से यह परंपरा बिना रुके निभाई जा रही है.
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार, भारत के अलग-अलग मंदिरों में अलग-अलग प्रकार के भोग लगाने की परंपरा स्थानीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी होती है. इन परंपराओं का उद्देश्य भगवान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना होता है, न कि किसी एक प्रकार के प्रसाद को श्रेष्ठ बताना.
मंदिर की एक और खास बात
माना जाता है कि प्रतिदिन शाम को भगवान को यह विशेष मिलगु दोसा अर्पित किया जाता है. मंदिर की रसोई में इसे पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है और इसके बाद श्रद्धालुओं को छोटे आकार में यही प्रसाद वितरित किया जाता है.
श्रद्धालुओं की क्यों लगी रहती है भीड़?
- भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशम में शामिल प्रमुख मंदिर.
- अनोखे काली मिर्च वाले प्रसाद की परंपरा.
- प्राचीन द्रविड़ वास्तुकला.
- मदुरै आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थ.
- धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व.
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