- यह आयोजन गोरक्षपीठ की परंपरा और शिवभक्ति को दर्शाता है।
Ayodhya Ram Janmabhoomi: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और दिव्य पल की साक्षी बनने जा रही है. श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित शिव मंदिर पर आगामी 29 अप्रैल को भव्य धर्म ध्वजा आरोहण का आयोजन किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर के 1000 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है.
तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप
अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में आयोजित होने वाला यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान आगामी 29 अप्रैल को संपन्न होगा. कार्यक्रम का समय शाम 5:00 बजे निर्धारित किया गया है, जब परिसर के ईशान कोण में स्थित शिव मंदिर के शिखर पर गरिमामयी उपस्थिति के बीच धर्म ध्वजा फहराई जाएगी. इस ऐतिहासिक अवसर का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. आयोजन की महत्ता को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, क्योंकि इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए 1000 से अधिक विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.
इन दिग्गजों को भेजा जा रहा आमंत्रण
इस आयोजन में शामिल होने के लिए विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ सदस्य
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और अन्य प्रमुख संगठन
परंपरा और भक्ति का संगम
रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अनुसार, यह आयोजन न केवल धार्मिक है बल्कि यह गोरक्षपीठ की परंपरा और शिवभक्ति के अटूट संबंध को भी दर्शाता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान रामभक्तों को संबोधित भी कर सकते हैं, जिससे इस उत्सव का महत्व और अधिक बढ़ गया है.
ट्रस्ट के सदस्य गोपाल जी के अनुसार: “परिसर में करीब 732 मीटर लंबे परकोटे के भीतर बने अन्य मंदिरों में पूर्व में ध्वजारोहण हो चुका है. अब शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहराने की तैयारी अंतिम चरण में है, जो हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का विस्तार है.”
परकोटे के मंदिरों की श्रृंखला होगी पूर्ण
रामजन्मभूमि परिसर के चारों ओर बने 732 मीटर लंबे परकोटे के भीतर कई मंदिरों का निर्माण किया गया है. ट्रस्ट द्वारा तय की गई अलग-अलग तिथियों पर इन मंदिरों में ध्वजारोहण का कार्य संपन्न किया जा रहा है. अब शिव मंदिर पर होने वाला यह आयोजन इस कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
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