How To Grow Guava At Home: नर्सरी वाले नहीं बताएंगे सीक्रेट, गमले में ऐसे लगाएं अमरूद

How To Grow Guava At Home: नर्सरी वाले नहीं बताएंगे सीक्रेट, गमले में ऐसे लगाएं अमरूद


How To Grow Guava At Home: घर की छत या बालकनी में बागवानी करने का शौक आजकल हर किसी को होता है. लोग अपने घरों में तरह-तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन जब बात फलों की आती है तो अधिकतर लोग सोचते हैं कि इसके लिए तो बड़े बगीचे की जरूरत पड़ती है. हालांकि, ऐसा नहीं है. आप अपने घर की छत पर रखे एक गमले में भी रसीले और बड़े-बड़े अमरूद उगा सकते हैं. अक्सर लोग कहते हैं कि उन्होंने गमले में अमरूद का पौधा तो लगाया, लेकिन उसमें फल नहीं आ रहे हैं. आइए जानते हैं गमले में अमरूद उगाने का आसान तरीका और सीक्रेट फॉर्मूला, जिससे आपका पौधा फलों से लद जाएगा.

बीज नहीं, ग्राफ्टेड पौधा चुनें 

गमले में अमरूद उगाने का सबसे पहला और बड़ा सीक्रेट यही है. अगर आप बीज से पौधा उगाएंगे तो फल आने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है और फिर भी कोई गारंटी नहीं कि फल अच्छे और रसीले हों. इसलिए हमेशा नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा ही खरीदें. गमले के लिए ताइवान पिंक ग्वावा या VNR अमरूद की किस्में सबसे अच्छी मानी जाती हैं. इन पौधों में फल आने में ज्यादा समय नहीं लगता है. 

सही गमले और मिट्टी का चुनाव

अमरूद का पेड़ काफी बड़ा बनता है, इसलिए इसे कभी भी छोटे गमले में न लगाएं. शुरुआती समय में पौधे को कम से कम 18 से 24 इंच के बड़े गमले या प्लास्टिक ग्रो बैग में लगाएं. साथ ही गमले के नीचे पानी के निकलने के लिए 2-3 छोटे छेद जरूर कर दें, ताकि एक्स्ट्रा पानी बाहर निकल जाए और पौधे की जड़ें न सड़ें. नर्सरी वाले पौधे के लिए बहुत ही हल्की और उपजाऊ मिट्टी का इस्तेमाल करना होता है. आप ऐसी मिट्टी बड़ी आसानी से घर पर भी बना सकते हैं. इसके लिए आपको 40% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद, 20% कोकोपीट नमी बनाए रखने के लिए और 10% बालू रेत की जरुरत होती हैं. इन सब का मिश्रण बनाकर इसमें दो चम्मच नीम खली और एक चम्मच साफ फंगिसाइड पाउडर मिला दें, इससे जड़ों में कीड़े नहीं लगेंगे. 

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धूप और पानी

अमरूद के पौधे को फल देने के लिए कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है. इसलिए आप इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो. साथ ही पौधे में पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी हुई दिखे. गमले में हमेशा पानी भरा नहीं रहना चाहिए, नहीं तो फूल झड़ने लगेंगे.

फल आने का समय 

गमले में सीमित मिट्टी होती है, इसलिए पौधे को लगातार पोषण की जरूरत होती है. इसलिए हर 30 दिन में गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें और उसमें दो मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद डालते रहें. फल आने के सीजन में आप इसमें थोड़ा सा बोन मील या सरसों की खली का पानी डाल सकते हैं. इससे फलों का साइज बड़ा हो जाएगा और वे स्वाद में भी मीठे लगेगें.

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