कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार (3 अगस्त) को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ विपक्षी दलों के सांसदों संग बैठक की. इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान संसद में मोदी सरकार को घेरने को लेकर रणनीति बनाई गई.
कांग्रेस दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर लगातार मोदी सरकार को घेर रही है. बीते दिनों संसद परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर विपक्ष का आक्रामक प्रदर्शन देखने को मिला था, जिसके बाद वाराणसी में राहुल गांधी और पप्पू यादव समेत कई नेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई गई है.
विपक्षी नेताओं संग बैठक को लेकर खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को INDIA गठबंधन को जवाब देना होगा. इसके अलावा छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने अमित शाह को घेरा.
राम मंदिर चंदे को लेकर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने पोस्ट कर कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल के बारे में सफाई देनी चाहिए. इसके बाद उन्होंने राम मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए. खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह जवाब देना चाहिए कि श्री राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे की चोरी कैसे हुई, जबकि ट्रस्ट प्रधानमंत्री की देखरेख में था.
Modi Govt will have to answer INDIA
1. Home Minister should come to the Parliament and explain the lathicharge-pellet gun action on students.
2. Prime Minister should answer how the चंदा-चढ़ावा donated to Shri Ram Mandir, was stolen, even as the Trust was under PM’s… pic.twitter.com/CulQC8d0lj
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 3, 2026
अमित शाह के इस्तीफे की मांग
इससे पहले खरगे ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा ले लेना चाहिए. खरगे ने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किए गए बल प्रयोग का हवाला देते हुए कहा कि 10 दिन पहले सरकार ने युवाओं का लाठी-डंडों और पेलेट गन से दमन किया था. इस दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के अलावा तृणमूल कांग्रेस की नेता और ममता बनर्जी की करीबी मोहुआ मोइत्रा भी मौजूद रहीं. इसके अलावा इंडिया गठबंधन के तमाम नेता मौजूद रहे.
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