Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास को हिंदू धर्म में बेहद पुण्यदायी महीना माना गया है. शास्त्रों के अनुसार यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस साल पुरुषोत्तम की शुरुआत 17 मई हो चुकी है और 15 जून तक रहेगी. धार्मिक मान्यता है कि, पुरुषोत्तम मास के समय दान, पूजा-पाठ, जप और सेवाभाव करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
मलमास क्या होता है? (What is Malmas)
हिंदू पंचांग की गणना सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर की जाती है. सौर वर्ष में 365 दिन 6 घंटे होते हैं, जबकि चंद्र वर्ष 354 दिनों का होता है. इस प्रकार हर वर्ष 11 दिनों का अंतर हो जाता है और यह तीन साल में लगभग एक माह के बराबर हो जाता है. इस अंतर को पाटने के लिए हर तीन वर्ष में पुरुषोत्तम मास या अधिकमास लगता है. अधिकमास पर हिंदू कैलेंडर का अतिरिक्त महीना होता है.
भगवान विष्णु का स्वरूप होते हैं ‘दामाद जी’
भारतीय हिंदू संस्कृति में जमाई राजा को साक्षात विष्णु स्वरूप माना गया है. हिंदू विवाह में कन्यादान के समय मंत्रोचारण और संकल्प इस रिश्ते की दिव्यता बताते हैं कि विष्णु स्वरूपाय वराय: इसका अर्थ है कि पिता अपनी लक्ष्मी रूपी कन्या को भगवान विष्णु के स्वरूप (वर) को सौंप रहे हैं.
दामाद जी को विष्णु स्वरूप मानने के पीछे एक धार्मिक और पौराणिक मान्यता यह भी है कि, जब भगवान विष्णु (राम अवतार में) ने माता सीता से विवाह किया था,तब वे भी राजा जनक के दामाद बने थे.
इसलिए आज भी मिथिलावासी भगवान राम और विष्णु को दामाद रूप में पूजते हैं, वहीं सीता को बेटी के रूप में सम्मानित किया जाता है. यही कारण है कि विवाह के समय या उसके बाद जब कोई दामाद अपने ससुराल आता है, तो उसे विष्णु स्वरूप मानकर उसका स्वागत और सत्कार किया जाता है.
मलमास या पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित उनका प्रिय मास है. इसलिए आज भी कई स्थानों में मलमास के समय दामाद (जमाई) के आदर-सत्कार की परंपरा निभाई जाती है. इसका कारण यह है कि, घर की बेटी को लक्ष्मी और जमाई राजा को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है. इसलिए मलमास में दामाद का आदर-सम्मान करने और शुभ वस्तुएं भेंट करना शुभ होता है.
मान्यता है कि, इससे आपसी रिश्तों में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है, साथ ही विष्णु कृपा भी मिलती है. आइए पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक और देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास से जानते हैं कि पुरुषोत्त मास में जमाई को कौन सी चीजें उपहार स्वरूप देनी चाहिए.
पुरुषोत्तम मास में दामाद को कौन-सी चीजें दें
पुरुषोत्तम मास में दामाद को सम्मानपूर्वक घर बुलाकर आदर-सत्कार करें. उनकी पसंद का भोजन तैयार करें. पीतल के पात्र में नए कपड़े (पीले रंग), ड्राई फ्रूट, फल-मिठाई आदि चीजें भेट करें. साथ ही पुरुषोत्तम मास में दामाद को सोना (Gold) देना भी शुभ माना जाता है. इसके साथ ही 33 पुआ और चांदी का पात्र भी देना उत्तम माना गया है.
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