USB पोर्ट के अलग-अलग रंग उनकी स्पीड और क्षमता पहचानने में मदद करते हैं. जैसे नीला पोर्ट आमतौर पर 5Gbps तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है, जबकि लाल पोर्ट की स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. वहीं काला पोर्ट USB 2.0 को दर्शाता है, हालांकि रंगों का कोई आधिकारिक नियम नहीं है. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस की स्पेसिफिकेशन देखना जरूरी है.

सफेद रंग वाला पोर्ट पुराने USB 1.x स्टैंडर्ड को दर्शाता है. इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड 1.5 Mbps से 12 Mbps तक होती है. आज के समय में इसे पुराना कनेक्शन माना जाता है. काला रंग आमतौर पर USB 2.0 Hi-Speed पोर्ट की पहचान है और यह अधिकतम 480 Mbps की स्पीड से डेटा ट्रांसफर कर सकता है. ऐसे पोर्ट आज भी कई डिवाइस में मिलते हैं.

नीला रंग USB 3.0 SuperSpeed और इसके बाद के कुछ वर्जन जैसे USB 3.1 Gen 1 और USB 3.2 Gen 1 को दर्शाता है. इसकी अधिकतम स्पीड 5Gbps तक होती है. टील रंग के पोर्ट कम देखने को मिलते हैं. पहले इनका इस्तेमाल USB 3.1 Gen 2 के लिए किया जाता था. अब यह USB 3.2 Gen 2 SuperSpeed 10Gbps स्टैंडर्ड से जुड़ा है, हालांकि इसका रंग कंपनियों के हिसाब से अलग हो सकता है.

लाल रंग वाले पोर्ट आमतौर पर USB 3.1 Gen 2 और USB 3.2 से जुड़े होते हैं. इनकी स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. कुछ डिवाइस में ये पोर्ट कंप्यूटर बंद होने या पावर ऑफ रहने पर भी कनेक्टेड डिवाइस को बिजली दे सकते हैं.

इन रंगों वाले पोर्ट ज्यादातर लैपटॉप में देखने को मिलते हैं. ये USB 2.0 या USB 3.0 हो सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि कंप्यूटर स्लीप या स्टैंडबाय मोड में होने पर भी ये फोन जैसे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं.

USB-C पोर्ट से डेटा ट्रांसफर से लेकर चार्जिंग और ऑडियो-वीडियो कनेक्शन जैसे कई काम किए जा सकते हैं. यह Thunderbolt, DisplayPort और HDMI जैसी टेक्नोलॉजी को भी सपोर्ट कर सकता है. इसलिए इसकी क्षमता बताने के लिए रंगों की जगह SS, Thunderbolt और बिजली के निशान जैसे लोगो इस्तेमाल किए जाते हैं, हालांकि कुछ कंपनियां पोर्ट पर कोई निशान भी नहीं देती हैं.. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस का मैनुअल या उसकी प्रोडक्ट लिस्टिंग देखना बेहतर है.
Published at : 31 Oct 2026 09:41 AM (IST)






