अब 5 महीने तक नहीं होगी चारे की किल्लत! पशुपालक जान लें ये देसी जुगाड़

अब 5 महीने तक नहीं होगी चारे की किल्लत! पशुपालक जान लें ये देसी जुगाड़


किसान हरे चारे को सुखाकर कई महीनों तक सुरक्षित रख सकते हैं. इस तरीके को ‘हे’ बनाना कहते हैं. अगर चारे को सही तरीके से सुखाकर रखा जाए, तो इसे करीब पांच महीने या उससे ज्यादा समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे चारे की कमी के समय पशुओं को खिलाने की परेशानी कम हो सकती है.

हे बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि, हरे चारे को अच्छी तरह सुखाया जाए. इसके लिए घास या चारा फसल को काटकर उसमें मौजूद नमी कम की जाती है. तैयार चारे में करीब 10 से 15 प्रतिशत नमी होनी चाहिए. अगर चारे में ज्यादा नमी रह गई, तो उसमें फफूंद लग सकती है और वह खराब हो सकता है. अच्छी तरह सुखाया गया चारा मुलायम और पौष्टिक होता है.

हे बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि, हरे चारे को अच्छी तरह सुखाया जाए. इसके लिए घास या चारा फसल को काटकर उसमें मौजूद नमी कम की जाती है. तैयार चारे में करीब 10 से 15 प्रतिशत नमी होनी चाहिए. अगर चारे में ज्यादा नमी रह गई, तो उसमें फफूंद लग सकती है और वह खराब हो सकता है. अच्छी तरह सुखाया गया चारा मुलायम और पौष्टिक होता है.

हर तरह की घास से अच्छी क्वालिटी का हे तैयार नहीं होता. इसके लिए ऐसी घास और चारा फसलों का चुनाव करना चाहिए, जिनके तने पतले और पत्तियां ज्यादा हों. किसान दूब घास, सेवण घास, जई, रिजका, बरसीम और लोबिया जैसी फसलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनका चारा जल्दी सूख जाता है. ध्यान रखें कि चारे में खरपतवार, मिट्टी या दूसरी गंदगी नहीं होनी चाहिए.

हर तरह की घास से अच्छी क्वालिटी का हे तैयार नहीं होता. इसके लिए ऐसी घास और चारा फसलों का चुनाव करना चाहिए, जिनके तने पतले और पत्तियां ज्यादा हों. किसान दूब घास, सेवण घास, जई, रिजका, बरसीम और लोबिया जैसी फसलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनका चारा जल्दी सूख जाता है. ध्यान रखें कि चारे में खरपतवार, मिट्टी या दूसरी गंदगी नहीं होनी चाहिए.

अच्छा सूखा चारा तैयार करने के लिए फसल की कटाई सही समय पर करना जरूरी है. आमतौर पर चारा फसल में फूल आने की शुरुआती अवस्था कटाई के लिए अच्छी मानी जाती है. इस समय पौधों में पोषक तत्व अच्छी मात्रा में मौजूद रहते हैं. कटाई और सुखाने के दौरान चारे की पत्तियां टूटकर गिरने नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इनमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व ज्यादा होते हैं.

अच्छा सूखा चारा तैयार करने के लिए फसल की कटाई सही समय पर करना जरूरी है. आमतौर पर चारा फसल में फूल आने की शुरुआती अवस्था कटाई के लिए अच्छी मानी जाती है. इस समय पौधों में पोषक तत्व अच्छी मात्रा में मौजूद रहते हैं. कटाई और सुखाने के दौरान चारे की पत्तियां टूटकर गिरने नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इनमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व ज्यादा होते हैं.

हरे चारे की कटाई करने के बाद उसे साफ मौसम में खेत या किसी खुले स्थान पर पतली परत में फैला दें. कुछ घंटे बाद जब नमी कम होने लगे, तो जरूरत के हिसाब से चारे को पलट सकते हैं. किसान इसे छोटे-छोटे बंडल बनाकर भी सुखा सकते हैं. ध्यान रखें कि चारा बारिश और जमीन की नमी से बचा रहे. इसे तब तक सुखाएं, जब तक नमी करीब 10 से 15 प्रतिशत न रह जाए.

हरे चारे की कटाई करने के बाद उसे साफ मौसम में खेत या किसी खुले स्थान पर पतली परत में फैला दें. कुछ घंटे बाद जब नमी कम होने लगे, तो जरूरत के हिसाब से चारे को पलट सकते हैं. किसान इसे छोटे-छोटे बंडल बनाकर भी सुखा सकते हैं. ध्यान रखें कि चारा बारिश और जमीन की नमी से बचा रहे. इसे तब तक सुखाएं, जब तक नमी करीब 10 से 15 प्रतिशत न रह जाए.

हे तैयार होने के बाद उसका सही भंडारण करना सबसे जरूरी है. किसान सूखे चारे को किसी साफ, ऊंची और हवादार जगह पर रखें, जहां बारिश का पानी न पहुंच सके. चारे को सीधे गीली जमीन पर रखने से बचें. ज्यादा मात्रा में चारा होने पर उसके बंडल बनाकर रख सकते हैं. भंडारण वाली जगह पर नमी और आग से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए.

हे तैयार होने के बाद उसका सही भंडारण करना सबसे जरूरी है. किसान सूखे चारे को किसी साफ, ऊंची और हवादार जगह पर रखें, जहां बारिश का पानी न पहुंच सके. चारे को सीधे गीली जमीन पर रखने से बचें. ज्यादा मात्रा में चारा होने पर उसके बंडल बनाकर रख सकते हैं. भंडारण वाली जगह पर नमी और आग से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए.

Published at : 27 Oct 2026 06:31 PM (IST)

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