‘घर में नहीं हैं दाने, लेकिन चले हैं दुनिया के युद्ध रुकवाने.’ यह कहावत पाकिस्तान पर एकदम सटीक बैठती है. कर्ज के बोझ में दबा पाकिस्तान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद कबूल किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध से उसे बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है.
‘US-ईरान ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर’
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार (29 अप्रैल) को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध ने पाकिस्तान को आर्थिक तौर पर बुरी तरह चोट पहुंचाई है. उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में पाकिस्तान की हासिल की गई आर्थिक प्रगति को गंभीर झटका दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयासों को जारी रखेगी.
क्या बोले पाक प्रधानमंत्री?
पाक पीएम ने कहा, फरवरी में यूएस-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक बाजारों में ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘युद्ध से पहले साप्ताहिक तेल खर्च लगभग 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर था, जो आज बढ़कर 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया है.’जियो टीवी की खबर के अनुसार, यहां कैबिनेट की बैठक के दौरान शहबाज ने कहा कि एक कार्य बल रोजाना स्थिति पर नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है.
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कैबिनेट को दी जानकारी
कैबिनेट को अमेरिका-ईरान बातचीत में हुई प्रगति और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि, इस्लामाबाद ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू हुई जो 21 घंटे तक चली. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच फिलहाल युद्धविराम कायम है.
दूसरे दौर की बातचीत के लिए प्लान बना रहा पाकिस्तान
उन्होंने सप्ताह के आखिरी में अराघची की इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को की संक्षिप्त यात्राओं के बारे में बात करते हुए कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता के दूसरे चरण के लिए अपनी टीम के साथ पाकिस्तान पहुंचे. उनके साथ महत्वपूर्ण बैठकें हुई.’ प्रधानमंत्री ने कहा, टईरानी विदेश मंत्री के रूस जाने से पहले मैंने उनसे फोन पर बात की, जिसमें उन्होंने मुझे भरोसा दिया कि ओमान में उनकी सभी बैठकें पूरी ईमानदारी से हुईं और अपने देश के नेतृत्व से परामर्श के बाद वे जल्द ही सकारात्मक जवाब देंगे.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा. पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी करने की योजना बना रहा है.
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