आखिरी सांस तक कंट्रोल पर थे कैप्टन! एआई-171 हादसे में मोर्चरी से सामने आया चौंकाने वाला दावा

आखिरी सांस तक कंट्रोल पर थे कैप्टन! एआई-171 हादसे में मोर्चरी से सामने आया चौंकाने वाला दावा


AI 171 Plane Crash: अहमदाबाद में पिछले साल जून में हुए एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 विमान हादसे को लेकर अब एक नया दावा सामने आया है. इस हादसे में अपने परिवार के तीन लोगों को खोने वाले गुजरात के खेड़ा जिले के रहने वाले रोमन वोहरा ने दावा किया है कि उन्होंने अहमदाबाद के मोर्चरी में विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव बैठी हुई अवस्था में देखा था. उनका कहना है कि पायलट के हाथ अब भी विमान के कंट्रोल पर थे.

हादसे में गई थी 260 लोगों की जान

लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद मेघानीनगर इलाके में एक हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी. केवल एक यात्री जीवित बचा था. विमान का संचालन पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल और सह-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर कर रहे थे.

मोर्चरी में देखा पायलट का शव

रोमन वोहरा, जिन्होंने इस हादसे में अपने भाई, भतीजी और बुआ को खो दिया था, ने दावा किया कि वह 13 जून को अपने परिजनों के शव की पहचान करने अहमदाबाद सिविल अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि मेडिकल फील्ड से जुड़े होने के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली थी. रोमन वोहरा ने कहा कि कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव बाकी शवों से अलग रखा गया था. उनके अनुसार शव कड़ी अवस्था में बैठने की मुद्रा में था, जैसे वह अभी भी विमान की सीट पर बैठे हों.

“पायलट के हाथ कंट्रोल पर थे”

रोमन वोहरा ने दावा किया कि कैप्टन के हाथ विमान के स्टीयरिंग यानी कंट्रोल योक पर थे और उनके पैर भी बैठे हुए व्यक्ति की तरह मुड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि पायलट की यूनिफॉर्म भी मौजूद थी, जिससे उन्होंने शव की पहचान की. उनका कहना है कि सामने का हिस्सा और चेहरा ज्यादा नहीं जला था, जबकि पीठ की तरफ ज्यादा जलने के निशान थे.

डीएनए मैच के बाद मिला परिजनों का शव

रोमन वोहरा ने बताया कि हादसे के बाद कई दिनों तक परिवार के लोग अस्पताल के बाहर बेहद खराब हालत में इंतजार करते रहे. बाद में डीएनए मैच होने के बाद उनके परिजनों के शव सौंपे गए. उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण वह शरीर की बनावट और अन्य संकेतों से पहचान कर सके कि वह शव कैप्टन सुमीत सभरवाल का ही था.

अमेरिकी लॉ फर्म ने उठाए सवाल

इस बीच अमेरिका की लॉ फर्म चियोनुमा लॉ, जिसने हादसे में मारे गए 115 लोगों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है, उसने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है. फर्म के केस मैनेजर आयुष राजपाल ने कहा कि यदि पायलट आखिरी समय तक कंट्रोल पकड़े हुए थे, तो केवल अटकलों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हादसे से जुड़े हर तकनीकी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और मानवीय पहलू की जांच स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा की जानी चाहिए.

प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आई थी यह बात

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी एएआईबी ने जुलाई में जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद विमान के इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है कि उसने फ्यूल सप्लाई क्यों बंद की, जबकि दूसरा पायलट जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया. रिपोर्ट में कहा गया था कि फ्यूल सप्लाई बंद होने के बाद इंजन की क्षमता तेजी से कम होने लगी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने भी की थी टिप्पणी

पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस हादसे के लिए किसी ने भी मुख्य पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. अदालत ने कैप्टन सुमीत सभरवाल के 91 वर्षीय पिता से कहा था कि वह किसी तरह का भावनात्मक बोझ न रखें.



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