आज 26 अगस्त को आपके नजदीकी पेट्रोल पंप में क्या है फ्यूल का भाव? चेक करें लेटेस्ट रेट

आज 26 अगस्त को आपके नजदीकी पेट्रोल पंप में क्या है फ्यूल का भाव? चेक करें लेटेस्ट रेट


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  • आज 26 अगस्त 2026 को पेट्रोल-डीजल की दरें अपरिवर्तित रहीं.
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2% की गिरावट.
  • 25 मई से देश में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हैं.

Petrol-Diesel Rate Today on August 26, 2026: आज 26 अगस्त 2026 को भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे कीमतें कल के स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं. हालांकि, आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगभग 2% की गिरावट आई है.

आज कच्चे तेल की कीमत

अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड आज लगभग 2.23% की गिरावट के साथ 86.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वहीं, अमेरिकी मानक माना जाने वाला WTI क्रूड भी लगभग 1.72% गिरकर 80.94 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है. हालांकि, बावजूद इसके रिटेल स्तर पर ईंधन की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं. 

आखिरी बार कब बदली थी कीमत?

देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई से काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं. उस दौरान सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी.

शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमत

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली  102.12 रुपये 95.20 रुपये
मुंबई 111.31 रुपये 97.97 रुपये
कोलकाता 113.51 रुपये 99.82 रुपये
चेन्नई  107.78 रुपये 99.56 रुपये
हैदराबाद 115.69 रुपये 103.82 रुपये
पटना 113.35 रुपये 99.36 रुपये
जयपुर  112.66 रुपये  97.78 रुपये
पुणे  112.02 रुपये 98.66 रुपये
बेंगलुरु 110.82 रुपये  98.77 रुपये

ईरान को आंख दिखा रहा अमेरिका

फरवरी 2026 से अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई जंग अब एक भीषण आर्थिक और रणनीतिक युद्ध का रूप ले चुकी है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ (Operation Economic Outcast) लॉन्च किया है. इसे अब तक का सबसे बड़ा प्रतिबंध माना जा रहा है. अमेरिका ने यह भी साफ कह दिया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते या पैसे का लेनदेन जारी रखेगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे. अमेरिका खासतौर पर चीन पर दबाव बनाना चाहता है, जो ईरान से तेल का सबसे बड़ा खरीदार है.

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