सड़क पर घूमते मवेशियों के चलते होने वाले हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है. कोर्ट ने समाज के दोहरे रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि लोग मवेशियों की उपयोगिता खत्म होने पर उन्हें सड़क पर लावारिस छोड़ देते हैं, लेकिन अगर कोई उनका उपयोग भोजन के रूप में करता है, तो इस पर बुरा मान जाते हैं.
‘हर साल 1300 लोगों की मौत’
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने आदेश में यह भी दर्ज किया है कि 24 राज्यों में सख्त गौहत्या निषेध कानून है. उन कानूनों में मवेशियों के संरक्षण को लेकर प्रावधान हैं. पर उनका सही तरह से पालन नहीं हो रहा है. इसके चलते देश में हर साल लगभग 1300 लोग हादसे का शिकार होकर अपनी जान गवां रहे हैं.
क्या था मामला?
यह मामला पंजाब के संगरूर में 2007 में एक सांड़ के हमले में मारे गए व्यक्ति से जुड़ा है. उसकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी घटनाओं पर दुख जताया. कोर्ट ने पीड़ित महिला को 15 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया. साथ ही, बेसहारा मवेशियों के मुद्दे पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए.
‘मवेशी स्पीड ब्रेकर नहीं बन सकते’
जजों ने यह माना है कि कई लोगों के पास गैर-उपयोगी जानवरों के रखरखाव के लिए ज़रूरी पैसे नहीं होते. फिर भी इसका समाधान यह नहीं हो सकता कि वह अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ दें. ऐसे किसानों की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने मवेशी को सरकारी संरक्षण केंद्र तक पहुंचाएं. कोर्ट ने कहा, “सभी को यह समझना होगा कि मवेशी हाइवे और सड़कों पर बेतरतीब ढंग से रखे गए स्पीड ब्रेकर नहीं बन सकते.
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कोर्ट की सिफारिशें
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को इस समस्या से निपटने के लिए यह उपाय अपनाने का सुझाव दिया है :-
– सभी मवेशियों की अनिवार्य टैगिंग की जाए और उनका डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए.
– अगर मवेशी का मालिक उसे नहीं पाल सकता, तो उसे अधिकृत आश्रय गृहों में सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी की होगी.
– आश्रय गृहों के संचालन, टैगिंग और रिकॉर्ड की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं.
– बेसहारा मवेशियों के चलते होने वाले हादसों के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए.
फैसले के अंत में कोर्ट ने यह निर्देश दिया है कि ने इसकी कॉपी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों दी जाए. कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकारें इन सिफारिशों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करें.
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