इजरायल में हंटावायरस के पहले मरीज की हुई पुष्टि, डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज, हालत स्थि

इजरायल में हंटावायरस के पहले मरीज की हुई पुष्टि, डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज, हालत स्थि


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  • WHO ने क्रूज शिप से जुड़े 5 मामलों की पुष्टि की।

इजरायल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार (7 मई, 2026) को देश में हंटावायरस के पहले मामले की पुष्टि की है. दरअसल, हाल ही में पूर्वी यूरोप की यात्रा से लौटे एक शख्स में चूहे से फैलने वाले इस वायरस की पुष्टि हुई है. हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यह मामला हाल ही में एमवी होंडियस (MV Hondius) क्रूज शिप पर फैले ज्यादा खतरनाक एंडीज स्ट्रेन से अलग है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इजरायल में संक्रमित मरीज में हंटावायरस के यूरोपीय स्ट्रेन पाया गया है, जो मुख्य रूप से चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है. जबकि इस स्ट्रेन में व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने की संभावना बहुत कम मानी जाती है.

पीसीआर टेस्ट में हंटावायरस संक्रमण की हुई पुष्टि

इजरायली मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. इस मामले में राहत की बात यह रही कि मरीज को न तो आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत पड़ी और न ही उसे कड़ी आइसोलेशन में रखा गया.

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बताया गया कि शुरुआती एंटीबॉडी जांच में संक्रमण के संकेत मिले थे, जिसके बाद पीसीआर टेस्ट किया गया, जिसमें हंटावायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई. इस मामले की जानकारी औपचारिक रूप से इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय को दे दी गई है और स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए हैं.

वायरस को लेकर WHO ने क्या कहा?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने गुरुवार (7 मई, 2026) को कहा कि क्रूज शिप एमवी होंडियस से जुड़े लोगों में हंटावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है. कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां इस संक्रमण को रोकने और संक्रमित लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है. पिछले महीने अर्जेंटीना से रवाना हुए इस जहाज पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और मृतकों में एक डच कपल और एक जर्मन नागरिक शामिल हैं.

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहला संदिग्ध मामला 70 वर्षीय डच नागरिक का था, जो जहाज पर अचानक बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित था. उसकी पिछले महीने 11 अप्रैल को जहाज पर ही मौत हो गई.

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