इजरायल-लेबनान के बीच हो गया सीजफायर! ट्रंप ने नेतन्याहू को मनाया, जानें किस शर्त पर हुए राजी

इजरायल-लेबनान के बीच हो गया सीजफायर! ट्रंप ने नेतन्याहू को मनाया, जानें किस शर्त पर हुए राजी


मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल और लेबनान ने बुधवार को युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है. हालांकि दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि यह युद्धविराम तभी प्रभावी होगा जब ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह पूरी तरह से हमले और गोलीबारी बंद करेगा. यह जानकारी अमेरिका की अगुवाई में वॉशिंगटन में हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दी गई.

युद्धविराम लागू करने पर बनी सहमति

संयुक्त बयान के अनुसार, इजरायल और लेबनान ने संघर्ष विराम लागू करने पर सहमति व्यक्त की है. हालांकि दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि युद्धविराम की सफलता के लिए हिजबुल्लाह द्वारा सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों और हमलों का पूरी तरह बंद होना जरूरी है. गौरतलब है कि इजरायल और लेबनान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है.

“पायलट जोन” बनाने का भी फैसला

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कुछ विशेष क्षेत्रों में “पायलट जोन” स्थापित करने पर भी सहमति जताई. इन क्षेत्रों में केवल लेबनानी सशस्त्र बलों का नियंत्रण रहेगा और किसी भी गैर-राज्य सशस्त्र समूह को वहां गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं होगी. संयुक्त बयान में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पूरी तरह लेबनान की सेना के हाथ में होगी.

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जून में फिर होगी बातचीत

बयान के अनुसार, दोनों पक्ष 22 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में फिर से बातचीत के लिए मिलेंगे. इस दौरान राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच एक व्यापक और स्थायी समझौते तक पहुंचना है.

लेबनान के भविष्य पर बाहरी हस्तक्षेप नहीं

संयुक्त बयान में कहा गया कि सभी सहभागी देशों ने इस बात की पुष्टि की है कि इजरायल और लेबनान के संबंधों का भविष्य केवल दोनों संप्रभु सरकारें ही तय करेंगी. बयान में यह भी कहा गया कि किसी भी देश या गैर-राज्य संगठन को लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. इसे ईरान और उसके सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह की ओर संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

ट्रंप ने भी किया था तनाव कम होने का दावा

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इजरायल और लेबनान दोनों ने तनाव कम करने की प्रतिबद्धता जताई है. हालांकि राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रहने के बावजूद जमीनी स्तर पर संघर्ष पूरी तरह थमा नहीं है.

युद्धविराम की सहमति के बीच जारी रहे हमले

युद्धविराम पर सहमति बनने के बावजूद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हमलों का सिलसिला जारी है. बुधवार को हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर मिसाइल हमले करने का दावा किया. वहीं लेबनान का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो पैरामेडिक कर्मी भी शामिल हैं.



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