ईरान संग पीस टॉक को लेकर ट्रंप को याद आया ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, तेहरान को फिर धमकाया

ईरान संग पीस टॉक को लेकर ट्रंप को याद आया ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, तेहरान को फिर धमकाया


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर ईरान में मौजूद परमाणु धूल स्थलों का पूरी तरह से विनाश था. उन्होंने आगे कहा कि इसे खोदकर निकालना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होगी. ऑपरेशन मिडनाइट हैमर वह हमला था, जो अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरान पर किया था. 

यह हमला कथित परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल द्वारा ईरान पर 12 दिनों तक बमबारी करने के बाद किया गया था. ट्रंप ने कईं मीडिया पोर्टल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो हमारे महान विमान चालकों को हमेशा नीचा दिखाने और अपमानित करने की कोशिश करते हैं वे हारे हुए लोग हैं. 

क्या था ऑपरेशन मिडनाइट हैमर
पिछले साल 22 जून को अमेरिकी एयरफोर्स और नेवी ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान में तीन परमाणु सुविधाओं फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र, नतान्ज़ परमाणु सुविधा और इस्फ़हान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र पर हमला किया था. अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षकों से बंकर बस्टर बम बरसाए थे.

13 जून को इजरायल के अचानक हमलों से शुरू हुआ युद्ध 24 जून, 2025 को युद्धविराम के साथ समाप्त हो गया, हालांकि यह शांति बहुत लंबे समय तक नहीं चली क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने इस साल 28 फरवरी को ईरान पर नए सिरे से अचानक हमले शुरू कर दिए, जिससे बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ गया. 

बहुत सारे बम गिरने लगेंगे- ट्रंप
ट्रंप ने पीबीएस न्यूज़ को बताया कि ईरान को पाकिस्तान में होने वाली वार्ता में शामिल होना था. एएफपी समाचार एजेंसी ने ट्रंप के हवाले से कहा कि हम वहां मौजूद रहने के लिए सहमत हुए थे और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्धविराम समाप्त होता है तो बहुत सारे बम गिरने लगेंगे.

शांति वार्ता में भाग लेने से ईरान का इनकार
तेहरान की मौलवी-शासित सरकार ने शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है. उन्होंने अमेरिका पर ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और एक जहाज को जब्त कर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

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