एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी से कितना कमा सकते हैं किसान?

एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी से कितना कमा सकते हैं किसान?


Strawberry Farming: पारंपरिक फसलों की खेती की जगह किसानों के लिए स्ट्रॉबेरी जैसी फसल बेहद फायदेमंद साबित होती है. पहले जहां माना जाता था कि स्ट्रॉबेरी सिर्फ ठंडे पहाड़ी इलाकों में ही उग सकती है. वहीं अब मैदानी राज्यों के किसान इसे अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं. बिहार, यूपी और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान इसकी सफल खेती कर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं. 

स्ट्रॉबेरी की बढ़ती डिमांड, बेकरी इंडस्ट्री, आइसक्रीम ब्रांड्स एवं सुपरमार्केट्स में इसके ऊंचे दामों ने इसे एक जबरदस्त बिजनेस मॉडल बना दिया है. खास बात यह है कि इसकी फसल सिर्फ 4 से 5 महीने की होती है. जिससे कम समय में लागत से कई गुना ज्यादा रिटर्न हाथ में आ जाता है.

अगर किसान सही समय पर प्लांटेशन, ड्रिप इरिगेशन एवं मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करें. तो एक एकड़ जमीन से इतनी मोटी कमाई हो सकती है जितनी पारंपरिक गेहूं और धान से कई सालों में भी संभव नहीं है. जान लें कमाई का पूरा गणित.

कितनी आ सकती है लागत?

एक एकड़ जमीन में स्ट्रॉबेरी लगाने के लिए सबसे सही समय सितंबर से अक्टूबर का माना जाता है. एक एकड़ में पौधों की बात करें तो इसके लिए आपको लगभग 22000 से 24000 पौधों की जरूरत पड़ती है. इसके पौधे हिमाचल, पुणे और लोकल नर्सरी से आसानी से मिल जाते हैं. जिनकी कीमत औसतन 10 से 12 रुपये प्रति पौधा होती है. यानी पौधों की खरीद पर करीब 2.5 लाख रुपये तक का खर्च आता है. 

इसके अलावा खेत की गहरी जुताई, गोबर की सड़ी खाद, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और ब्लैक मल्चिंग शीट लगाने में लगभग 1 से 1.25 लाख रुपये लगते हैं. मल्चिंग से खरपतवार नहीं उगते और फलों को मिट्टी से सुरक्षित रखा जाता है. जिससे उनकी क्वालिटी एकदम बढ़िया बनी रहती है. खाद, कीटनाशक और लेबर कॉस्ट मिलाकर एक एकड़ में कुल शुरुआती लागत 3.5 से 4 लाख रुपये तक बैठती है. अगर ड्रिप और मल्चिंग पर सरकारी सब्सिडी मिल जाए तो यह लागत और भी घट जाती है.

कितनी हो सकती है कमाई?

स्ट्रॉबेरी का एक स्वस्थ पौधा पूरे सीजन में औसतन 500 से 700 ग्राम तक फ्रेश फल देता है. इस हिसाब से एक एकड़ में लगे 22000 पौधों से लगभग 110 से 130 क्विंटल तक स्ट्रॉबेरी की पैदावार आसानी से निकल आती है. मार्केट में स्ट्रॉबेरी के रेट्स सीजन की शुरुआत में 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक रहते हैं. जबकि पीक सीजन में यह 150 से 200 रुपये प्रति किलो के बीच बिकती है. 

अगर हम बहुत कम यानी 150 रुपये प्रति किलो का औसत थोक भाव भी मानकर चलें तो 120 क्विंटल फसल से कुल ग्रॉस सेल करीब 18 लाख रुपये बनती है. इसमें से 4 लाख रुपये की कुल लागत, पैकिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन का खर्च निकाल दें तो भी एक किसान को 4 से 5 महीने के भीतर 12 से 14 लाख रुपये का मुनाफा अपनी जेब में बचता है.

एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी से कितना कमा सकते हैं किसान?

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इस तरीके से और बढ़ेगी कमाई

स्ट्रॉबेरी की खेती सिर्फ फल बेचने तक सीमित नहीं है. बल्कि किसान इसके मदर प्लांट से नए पौधे तैयार करके भी तगड़ी कमाई कर रहे हैं. जब फसल का सीजन खत्म होने लगता है. तब पौधे से रनर्स निकलने शुरू होते हैं. एक एकड़ के खेत से किसान आसानी से 40000 से 50000 नए पौधे तैयार कर सकते हैं. इन तैयार पौधों को आसपास के दूसरे किसानों और नर्सरी वालों को 8 से 10 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से बेचकर 3 से 4 लाख रुपये की एक्स्ट्रा इनकम बनाई जा सकती है. 

इसके अलावा फलों को बिचौलियों के जरिए बेचने के बजाय अगर किसान लोकल मार्केट्स, जूस कॉर्नर्स, बेकरीज और फ्रूट वेंडर्स को सीधे 200-250 ग्राम के छोटे पन्नेट पैक्स में बेचें तो प्रॉफिट मार्जिन 20 से 30 परसेंट और बढ़ जाता है. यानी देखा जाए तो अगर कोई किसान सही प्लानिंग के साथ स्ट्रॉबेरी की खेती करता है और थोड़ा सा बिजनेस वाला दिमाग लगाता है तो लाखों की कमाई कहीं नहीं गई.

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