- आज ईद-ए-मिलाद के चलते कई राज्यों में बैंक बंद.
- मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में शाखाएं बंद रहेंगी.
- डिजिटल सेवाएं हालांकि जारी रहेंगी, नकद लेनदेन प्रभावित होगा.
- ईद-ए-मिलाद पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्मदिन है, जिसका महत्व है.
आज हफ्ते के चौथे दिन बैंक बंद रहेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, ईद-ए-मिलाद (जिसे मिलाद-उन-नबी भी कहा जाता है) के चलते बुधवार, 26 अगस्त को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक बंद रहेंगे. इस दौरान कई बड़े शहरों में ब्रांच आज बंद रहने वाले हैं, जिनमें महाराष्ट्र में मुंबई और बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, देहरादून, हैदराबाद, इंफाल, जम्मू और श्रीनगर, कानपुर और लखनऊ, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, रायपुर, रांची और विजयवाड़ा शामिल हैं.
आज कहां-कहां बैंक नहीं खुलेंगे?
बेलापुर, नागपुर और मुंबई (महाराष्ट्र)
चेन्नई (तमिलनाडु)
हैदराबाद (तेलंगाना)
बेंगलुरु (कर्नाटक)
विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)
कोच्चि और तिरुवनंतपुरम (केरल)
भोपाल (मध्य प्रदेश)
देहरादून (उत्तराखंड)
जम्मू और श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर)
इंफाल (मणिपुर)
कानपुर एवं लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
पटना (बिहार)
नई दिल्ली (दिल्ली एनसीआर)
रायपुर (छत्तीसगढ़)
रांची (झारखंड)
बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद सभी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं ग्राहकों की सुविधा के लिए पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी. पैसों के लेनदेन, बैलेंस चेक करने और बिल पेमेंट के लिए आप यूपीआई (UPI) ट्रांसफर (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि), नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाओं की मदद ले सकते हैं. हालांकि, काउंटर पर नकद लेन-देन, चेक से जुड़े काम और पासबुक अपडेट कराने के लिए आपको कल बैंक खुलने तक का इंतजार करना होगा.
ईद-ए-मिलाद क्या है?
ईद-ए-मिलाद, जिसे मिलाद-उन-नबी या बारावफात भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन है. यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने ‘रबी-उल-अव्वल’ की 12 तारीख को मनाया जाता है. मुसलमानों के लिए ईद-ए-मिलाद का गहरा धार्मिक महत्व है. ‘मिलाद’ का अरबी में अर्थ है ‘जन्म’.
मुस्लिम समाज के लोग इस दिन पैगंबर मोहम्मद साहब द्वारा दी गई शांति, दया और भाईचारे की शिक्षाओं को याद करते हैं. इस दिन लोग मस्जिदों या घरों में इबादत करते हैं. कई जगह महफिलें रखी जाती हैं, जिन्हें ‘मिलाद’ कहा जाता है, जहां पैगंबर साहब के जीवन की कहानियां (सीरत) सुनी जाती हैं और उनके सम्मान में ‘नाअत’ (धार्मिक गीत) गाए जाते हैं. आज के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाना, कपड़े बांटना और पैसे दान करने का भी चलन है.
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