योग गुरू बाबा रामदेव ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उनसे Gen Z छात्र आंदोलन से जुड़े सवाल पूछे गए. इस पर उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी. बाबा रामदेव ने इस आंदोलन की आड़ में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को आड़े हाथों लिया.
बाबा रामदेव से जब पूछा गया कि इस आंदोलन पर उनकी क्या राय है, तो बाबा रामदेव ने कहा कि क्या शिक्षामंत्री बदलने से शिक्षा व्यवस्था बदल जाएगी? इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो नकल करवाते हैं, पेपर लीक करवाते हैं, उन्हें फांसी की सजा होना चाहिए. लेकिन केवल शिक्षामंत्री और कानून बदलने से कुछ नहीं होता. इसके अलावा उन्होंने मैकाले की शिक्षा पद्धति पर भी सवाल उठाए.
बाबा रामदेव ने कहा कि 1835 के मैकाले के एजुकेशन एक्ट उसी के आधार पर बच्चों को पढ़ा रहे हो. बच्चों का टारगेट क्या है? बस एक नौकरी मिल जाए और सबकुछ पैसे कमा लें.
बाबा रामदेव बोले- धरना प्रदर्शन के छात्रों को 100 में 2 नंबर दिए
इसके अलावा बाबा रामदेव ने जंतर मंतर के धरना प्रदर्शन पर छात्रों के प्रदर्शन को 100 में से 2 नंबर देने की बात कही. एक नंबर 12 सालों में मंत्री बदलने पर और दूसरा कानून नया आ गया. अब उसका एप्लीकेशन, इम्पलिमेंटेशन, वो आगे शेष है. इसके अलावा उन्होंने 98 नंबर काटने के पीछे वजह बताई कि इस आंदोलन के पीछे कितने ही आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल थे. कितने रेपिस्ट, क्रिमिनल उस आंदोलन के अंदर आ गए थे. कितनी भद्दी गालियां, चलो मोदी जी को गाली दें, मोदी जी की मां को गाली दें, क्यों?
इसके अलावा बाबा रामदेव ने कहा, ‘इससे क्या होगा, बच्चों को गालीबाज बना रहे हैं. बच्चों को हुनरबाज बनाओ. उनको प्रतिभावान, संस्कारवान, चरित्रवान, शीलवान, गुणवान , महान बनाओ. भारत का निर्माण तब होगा. बच्चों का भविष्य तब बनेगा न. मोदी जी की मां को गाली देने से क्या मिलेगा. मोदी जी को गाली देने से, स्वामी रामदेव को गाली देने से, या देश की रूलिंग पार्टी को गाली देने से, क्या मिलेगा.’
बच्चों को पीएम मोदी ने किया माफ तो क्या बोले बाबा रामदेव?
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि मोदी जी ने बच्चों को माफ कर दिया है, इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि यह उनका बड़प्पन है. लेकिन उनके मां बाप क्या सोचते हैं. यह सामूहिक जिम्मेदारी है. यह जिम्मेदारी है कि हम कैसा भारत बना रहे हैं.
इसके अलावा जब उनसे पूछा गया कि सरकार गालिबाज युवाओं को कैसे रोक सकती है. तो इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि इसके लिए एजुकेशन सिस्टम बदलो. जो मैकाले के समय से शिक्षा की गुलामी चली आ रही है. उसे बदलने की बात बाबा रामदेव ने कही है. उन्होंने कहा कि सिलेबस से इतर बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण, चरित्र का निर्माण और नेतृत्व का गुण हम कर पाएं.
Gen Z लोगों का इस्तेमाल किया गया? जानें क्या बोले बाबा रामदेव
GenZ का उपयोग करके उनके कंथे पर बंदूक चलाई है, कुछ क्रिमिनल, रेपिस्ट लोगों ने. GenZ के बंटे हुए होने पर बाबा रामदेव ने कहा कि हमने भी आंदोलन किया लेकिन आपराधिक मानसिकता के लोगों पनाह नहीं दी.
बाबा रामदेव ने पूछा कि जंतर मंतर के हालिया विरोध प्रदर्शन से क्या एक बार भी गाली न देने का घोषणा हुई? क्या एक बार भी कहा गया कि इस आंदोलन में क्रिमिनल, लोग भागीदार नहीं हो सकते? क्या एक बार भी अनाउंस हुआ कि इस आंदोलन में भागीदार नहीं हो सकते, जिनकी देश विरोधी सोच है? तो ये चीजें होना चाहिए.
अभिजीत दीपके को लेकर क्या बोले बाबा रामदेव?
बाबा रामदेव ने इसके अलावा अभिजीत दीपके को लेकर कहा कि आंदोलन से किसी भी इंसान का चेहरा बड़ा नहीं बनता है. आदमी बड़ा होता है, उसके कॉन्ट्रिब्यूशन से. आप कोई भी आंदोलन हो, किसी ने कुछ भी किया हो. सवाल है कि उसका योगदान क्या है.






