गेहूं की इस किस्म से 77 क्विंटल तक पैदावार, प्रोटीन और जिंक भी भरपूर

गेहूं की इस किस्म से 77 क्विंटल तक पैदावार, प्रोटीन और जिंक भी भरपूर


गेहूं की उन्नत किस्म HI 1683: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, इंदौर ने पूसा बायोफोर्टिफाइड गेहूं सम्राट HI 1683 किस्म विकसित की है. यह ब्रेड गेहूं की किस्म है, जिसका इस्तेमाल रोटी, आटा और दूसरे खाद्य उत्पाद बनाने में किया जा सकता है.

एक हेक्टेयर में 56 क्विंटल से ज्यादा औसत पैदावार: इस किस्म की औसत उपज करीब 56.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है. वहीं, अनुकूल मौसम और खेती के सही प्रबंधन से इसकी पैदावार 77.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है.

एक हेक्टेयर में 56 क्विंटल से ज्यादा औसत पैदावार: इस किस्म की औसत उपज करीब 56.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है. वहीं, अनुकूल मौसम और खेती के सही प्रबंधन से इसकी पैदावार 77.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है.

प्रोटीन की अच्छी मात्रा: पूसा बायोफोर्टिफाइड गेहूं सम्राट HI 1683 में करीब 11.7 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह अच्छी पैदावार के साथ गेहूं के पोषण पर भी ध्यान देती है.

प्रोटीन की अच्छी मात्रा: पूसा बायोफोर्टिफाइड गेहूं सम्राट HI 1683 में करीब 11.7 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह अच्छी पैदावार के साथ गेहूं के पोषण पर भी ध्यान देती है.

आयरन और जिंक से भरपूर दाने: इस किस्म के गेहूं में लगभग 40.4 पीपीएम आयरन और 38.3 पीपीएम जिंक पाया जाता है. बायोफोर्टिफाइड होने के कारण यह किस्म अनाज में जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा बेहतर बनाने के लिहाज से खास मानी जाती है.

आयरन और जिंक से भरपूर दाने: इस किस्म के गेहूं में लगभग 40.4 पीपीएम आयरन और 38.3 पीपीएम जिंक पाया जाता है. बायोफोर्टिफाइड होने के कारण यह किस्म अनाज में जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा बेहतर बनाने के लिहाज से खास मानी जाती है.

पैदावार खेत और मौसम पर निर्भर: इस किस्म से कितना गेहूं निकलेगा, यह मिट्टी, मौसम, बुवाई के समय, सिंचाई और खाद के सही इस्तेमाल पर निर्भर करता है. इसलिए अच्छी पैदावार के लिए समय पर खेती के काम करना और रोग-कीटों पर नजर रखना जरूरी है.

पैदावार खेत और मौसम पर निर्भर: इस किस्म से कितना गेहूं निकलेगा, यह मिट्टी, मौसम, बुवाई के समय, सिंचाई और खाद के सही इस्तेमाल पर निर्भर करता है. इसलिए अच्छी पैदावार के लिए समय पर खेती के काम करना और रोग-कीटों पर नजर रखना जरूरी है.

बुवाई से पहले लें सही सलाह: किसान इस किस्म के प्रमाणित बीज खरीदें और बुवाई से पहले अपने इलाके के कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विशेषज्ञ से इसकी जानकारी लें. साथ ही, बीज की मात्रा, बुवाई का समय, सिंचाई और खाद के इस्तेमाल से जुड़ी स्थानीय सलाह भी जरूर अपनाएं.

बुवाई से पहले लें सही सलाह: किसान इस किस्म के प्रमाणित बीज खरीदें और बुवाई से पहले अपने इलाके के कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विशेषज्ञ से इसकी जानकारी लें. साथ ही, बीज की मात्रा, बुवाई का समय, सिंचाई और खाद के इस्तेमाल से जुड़ी स्थानीय सलाह भी जरूर अपनाएं.

Published at : 16 Oct 2026 06:04 PM (IST)

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