गेहूं-चावल छोड़ो, आज ही शुरू कर दें सर्पगंधा की खेती, लाखों में होगी कमाई

गेहूं-चावल छोड़ो, आज ही शुरू कर दें सर्पगंधा की खेती, लाखों में होगी कमाई


Sarpagandha Farming Tips: आज के समय में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं और धान से उतना मुनाफा नहीं मिल पा रहा है. इसी वजह से किसान अब वैकल्पिक और ज्यादा फायदा देने वाली फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. इन्हीं में से एक सर्पगंधा की खेती है, जो एक औषधीय पौधा है और धीरे-धीरे किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. सर्पगंधा एक ऐसी फसल है जिसमें मेहनत कम लगती है, पानी भी कम चाहिए और बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है. यही कारण है कि कई किसान इसे कम लागत, ज्यादा मुनाफे वाली फसल मान रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सर्पगंधा की खेती कैसे करें. 

सर्पगंधा क्या है?

सर्पगंधा एक औषधीय पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम Rauvolfia serpentina है. इसकी सबसे जरूरी चीज इसकी जड़ें होती हैं, जिनसे कई तरह की दवाइयां बनाई जाती हैं. इसका यूज मुख्य रूप से हाई ब्लड प्रेशन (BP), तनाव और चिंता, अनिद्रा और मानसिक कमजोरी जैसी समस्याओं में किया जाता है. दवा कंपनियों में इसकी बहुत मांग रहती है, इसलिए इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 

सर्पगंधा की खेती कैसे करें?

सर्पगंधा की खेती के लिए बहुत ज्यादा गर्मी या सर्दी ठीक नहीं होती है. इसके लिए हल्का गर्म और नम मौसम सबसे अच्छा माना जाता है. यह पौधा हल्की छाया में बेहतर बढ़ता है. बहुत तेज धूप में इसकी ग्रोथ कम हो जाती है, जिन क्षेत्रों में 1000 से 1800 मिमी तक वर्षा होती है, वहां इसकी खेती अच्छी होती है. 

सर्पगंधा की खेती के लिए कैसी मिट्टी होनी चाहिए?

सर्पगंधा की खेती के लिए मिट्टी का चयन बहुत जरूरी है. इसके लिए हल्की या मध्यम दोमट मिट्टी सबसे अच्छी है. वहीं रेतीली दोमट मिट्टी भी ठीक रहती है. खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए. साथ ही मिट्टी का pH लगभग 6 से 7.5 के बीच हो तो बेहतर उत्पादन मिलता है. 

खेती की शुरुआत कैसे करें?

सर्पगंधा की खेती दो तरीकों से की जा सकती है. जिसमें पहला तरीका बीज से नर्सरी तैयार करना है. इसमें बीज को 24 घंटे पानी में भिगोकर बोया जाता है. इसके बाद जून-जुलाई में नर्सरी तैयार की जाती है और 45 से 60 दिनों में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं. वहीं दूसरा तरीका पौधों की रोपाई है. इसमें एक हेक्टेयर में लगभग 40,000 से 50,000 पौधे लगाए जाते हैं. पौधों के बीच 45 से 60 सेमी की दूरी रखी जाती है. 

सिंचाई और देखभाल कैसे करें?

सर्पगंधा की फसल ज्यादा पानी नहीं मांगती है. इसके लिए बारिश के मौसम में अलग से सिंचाई की जरूरत नहीं होती है. गर्मियों में 15-20 दिन के बाद सिंचाई करें.साथ ही खेत में पानी रुकना नहीं चाहिए. वहीं शुरुआती 3 महीनों में 2-3 बार निराई-गुड़ाई जरूरी है.इसके अलावा कीट लगने पर नीम तेल या जैविक घोल का यूज करें. 

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फसल तैयार होने में कितना समय लगता है?

सर्पगंधा की फसल तैयार होने में लगभग 18 से 24 महीने (1.5 से 2 साल) का समय लगता है. जब पौधे की जड़ें मोटी और मजबूत हो जाएं, तब इसकी खुदाई की जाती है. इसके पौधों को जड़ों सहित उखाड़ा जाता है. जड़ों को अच्छी तरह धोकर साफ किया जाता है फिर इन्हें छांव में सुखाया जाता है. सूखने के बाद इन्हें बाजार में बेचा जाता है या कंपनियों को दिया जाता है. 

उत्पादन और कमाई कितनी हो सकती है?

इसके एक हेक्टेयर में लगभग 8 से 30 क्विंटल सूखी जड़ मिल सकती है. वहीं बाजार में इसकी कीमत लगभग 450 से 700 प्रति किलो तक रहती है. ऐसे में एक हेक्टेयर से लगभग 4 लाख से 6 लाख रुपये या उससे ज्यादा की कमाई हो सकती है. 

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