मिट्टी की ताकत बढ़ाने में मददगार है केंचुआ खाद: खेतों में लगातार केमिकल खाद डालने से मिट्टी की सेहत पर असर पड़ सकता है. ऐसे में किसान केंचुआ खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मिट्टी को भुरभुरा बनाने, उसमें नमी बनाए रखने और फसलों को जरूरी पोषण देने में मदद करती है.

कम जगह में ऐसे तैयार करें केंचुआ खाद: केंचुआ खाद बनाने के लिए सबसे पहले जमीन पर एक बेड तैयार करें. इसके नीचे पन्नी बिछाएं और ऊपर अच्छी तरह सड़ा हुआ गोबर डालें. इसके बाद इसमें केंचुए छोड़ दें और बेड को केले के पत्तों या दूसरी हवादार सामग्री से ढक दें. ध्यान रखें कि बेड में पानी जमा न हो.

नमी बनाए रखना है सबसे जरूरी: केंचुओं को जिंदा और सक्रिय रखने के लिए बेड में सही नमी होना जरूरी है. जरूरत के हिसाब से सुबह या शाम हल्का पानी छिड़क सकते हैं. बेड को तेज धूप और ज्यादा बारिश से बचाकर रखें. इससे केंचुए गोबर और जैविक कचरे को धीरे-धीरे खाद में बदलते हैं.

कब और कैसे निकालें तैयार खाद: केंचुए गोबर को खाकर उसे बारीक और भुरभुरी खाद में बदल देते हैं. सही देखभाल करने पर आमतौर पर 45 से 90 दिनों में खाद तैयार हो सकती है. तैयार खाद को केंचुओं से अलग करके छांव में रखें. इसके बाद छानकर जरूरत के हिसाब से पैक कर सकते हैं.

कितनी खाद मिलेगी और कितनी कमाई होगी: उदाहरण के तौर पर, अगर कोई किसान 2,000 किलो केंचुआ खाद तैयार करता है और उसे 10 रुपये प्रति किलो बेचता है, तो कुल 20,000 रुपये की बिक्री होगी. हालांकि, आपको इसमें से गोबर, केंचुए, पानी, मजदूरी, पैकिंग और दूसरे खर्च निकालने के बाद ही असली कमाई पता चलेगी.

खेती के साथ खाद का कारोबार: किसान अपने खेत में इस्तेमाल के लिए केंचुआ खाद बना सकते हैं. जरूरत से ज्यादा खाद तैयार होने पर उसे दूसरे किसानों या नर्सरी वालों को भी बेच सकते हैं. इससे खेती में खाद खरीदने का खर्च कम हो सकता है और अतिरिक्त आमदनी का रास्ता भी खुल सकता है. हालांकि, बिक्री शुरू करने से पहले स्थानीय मांग और बाजार भाव जरूर पता कर लें.
Published at : 29 Oct 2026 03:06 PM (IST)
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