चुनाव के बाद ईंधन के दाम बढ़े, तो भड़के तमिलनाडु के CM विजय, सत्ता में आने के बाद केंद्र पर पहल

चुनाव के बाद ईंधन के दाम बढ़े, तो भड़के तमिलनाडु के CM विजय, सत्ता में आने के बाद केंद्र पर पहल


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  • चुनावों के बाद, 11 दिन में ईंधन के दाम बढ़े।

तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य की सत्ता संभालने के बाद पहली बार केंद्र सरकार को निशाने पर रखकर हमला किया है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के खत्म होने के बाद देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी को लेकर आलोचना की है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से ईंधन के बढ़ाई गई कीमतों के फैसले को अस्वीकार्य करार देते हुए इसे वापस करने की मांग की है. उनका यह बयान तब सामने आया है कि जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से हाल ही में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिसके बाद भारत सरकार ने भी शुक्रवार (15 मई, 2026) को देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की है.

ईंधन के दामों में इजाफे के बाद सरकार को घेर रहा विपक्ष

देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी के बाद सभी विपक्षी दल केंद्र सरकार को घेर रही है. इसी कड़ी में लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आलोचना की है.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुबह करीब 11 बजे एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘तीन रुपये का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी.’

चुनावी नतीजों की घोषणा के 11 दिन बाद बढ़े ईंधन के दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के बाद 4 मई को हुई नतीजों की घोषणा के 11 दिन बाद शुक्रवार (15 मई, 2026) को की गई है. हालांकि, पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के बावजूद विधानसभा चुनावों के दौरान भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए थे.

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