नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड के ऑफिस पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के छापा मारने की फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी. हालांकि, नेशनल इंटेलिजेंस की प्रेस सचिव ओलिविया कोलमन ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘यह पूरी तरह से गलत है, CIA ने कोई छापा नहीं मारा है.’
क्या है पूरा मामला?
खबर के मुताबिक, CIA एजेंटों ने गबार्ड के दफ्तर से दर्जनों बॉक्स जब्त किए हैं. दावा किया गया कि इन बॉक्सों में जॉन एफ कैनेडी की हत्या और CIA के विवादास्पद ‘माइंड कंट्रोल प्रोग्राम’ से जुड़ी गोपनीय फाइलें थीं. तुलसी गबार्ड इन फाइलों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया में थीं. हालांकि, इस खबर पर विवाद बढ़ गया है, नेशनल इंटेलिजेंस की प्रेस सचिव ने इस रिपोर्ट को गलत बताते हुए खारिज कर दिया.
This is false – the CIA did not raid the DNI’s office. https://t.co/vZOEqzeK4M
— Olivia Coleman (@DNIspox) May 14, 2026
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार सीआईए (CIA) की गई इस कथित छापेमारी के आरोप पहली बार बुधवार (13 मई) को ‘सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी’ की सुनवाई के दौरान सामने आए. व्हिसलब्लोअर जेम्स एर्डमैन III ने दावा किया कि उन फाइलों को सार्वजनिक करने की तैयारी चल रही थी, तभी कथित तौर पर सीआईए ने बीच में दखल दिया और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया.
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सांसद अन्ना पॉलिना लूना ने चेतावनी दी है कि अगर सीआईए ने नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक (DNI) के ऑफिस से ली गई फाइलों के बॉक्स वापस नहीं किए तो वह उन्हें समन जारी करेंगी. लूना ने सोशल मीडिया पर कहा कि सीआईए के पास फाइलों को वापस करने के लिए केवल 24 घंटे हैं. ये फाइलें इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड के ऑफिस को लौटाई जानी चाहिए.
एमके-अल्ट्रा कोल्ड वॉर के समय का एक खतरनाक प्रोग्राम था, जिसमें कथित तौर प लोगों के दिमाग को कंट्रोल करने के लिए टॉर्चर और नशीली दवाओं का इस्तेमाल किया जाता था. सीआईए ने पहले दावा किया था कि इसकी सभी फाइलें या तो सार्वजनिक कर दी गई हैं या नष्ट कर दी गई हैं.





