ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक ओर जहां पाकिस्तान अपनी जीत का जश्न मना रहा था तो वहीं दूसरी तरफ लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के कबूलनामे ने पूरी कहानी उलट दी है. एक वीडियो में आतंकी खुद बता रहे हैं कि 7 से 10 मई 2025 की रात भारतीय हमलों में उनके ठिकानों और एयरबेस को कितना नुकसान पहुंचाया.
आतंकी सैफुल्लाह खालिद का कबूलनामा
लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख आतंकी सैफुल्लाह खालिद फैसलाबाद में जीत की रैली में शामिल हुआ था, जहां उसने खुद कबूल किया कि 8 मई को मुरीदके स्थित लश्कर के मुख्यालय (मरकज तय्यबा) पर भारतीय सेना का हमला हुआ था. आतंकी ने कबूल किया कि वे बिखरे शवों के टुकड़े और चीथड़े इकट्ठा कर रहे थे. रैली में हाफिज सईद की रिहाई के नारे भी लग रहे थे, लेकिन आतंकी खुद तबाही स्वीकार कर रहा था. यह वीडियो पाकिस्तान की झूठी जीत की कहानी को बेनकाब करता है.
हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया सबसे बड़ा खुलासा
लश्कर के टॉप कमांडर और मुरीदके मुख्यालय के केयरटेकर आतंकी हाफिज अब्दुल रऊफ ने सबसे बड़ा खुलासा किया. उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद जनाजे का जिक्र करते हुए बताया कि शहीद आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के कोर कमांडर, चीफ सेक्रेटरी, आईजी पंजाब, एमएनएस और सांसद तक शामिल थे.
आतंकी हाफिज रऊफ ने कहा कि मैंने जनाजा पढ़ाया. बहुत लोग आए थे. उसने कहा कि यह किसी जमात का मसला नहीं, बल्कि रियासत का मसला है. यह हमला मुरीदके पर नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान पर हुआ. इस बयान ने पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के बीच गहरी साठगांठ को एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर किया है.
भारत के हमले के बाद आसिम मुनीर पढ़ने लगे आयतें
आतंकी रऊफ ने आगे कहा कि 8 मई को भारतीय ड्रोन पूरे पाकिस्तान में छा गए थे. इस्लामाबाद, पेशावर, और लाहौर तक ड्रोन का डर था, लेकिन पाकिस्तान उन्हें इंटरसेप्ट नहीं कर पाया. उसने माना कि हम उन्हें रोक नहीं सके. ये कबूलनामा कहीं न कहीं पाकिस्तान की वायुसेना और एयर डिफेंस की नाकामी को भी दर्शाता है. उसने आगे बताया कि 9 मई की रात को पाकिस्तान के कई एयरबेस निशाने पर थे. नूर खान एयरबेस, शोरकोट एयरबेस, रहीम यार खान एयरबेस और बहावलपुर में भी भारतीय हमले हुए. उसके बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने आयतें पढ़ीं और बदर की दुआ करवाई.
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