PAK ने छिपाए थे ईरान के फाइटर जेट्स, खुलासे के बाद आगबबूला हुए ट्रंप के करीबी, कह दी बड़ी बात

PAK ने छिपाए थे ईरान के फाइटर जेट्स, खुलासे के बाद आगबबूला हुए ट्रंप के करीबी, कह दी बड़ी बात


अमेरिका-ईरान जंग को खत्म कराने के लिए पाकिस्तान खुद को ‘शांतिदूत’ के तौर पर पेश करता है, लेकिन मध्यस्थता को लेकर उसकी कोशिश हकीकत कम ‘ड्रामा’ ज्यादा नजर आती है. पाकिस्तान ने युद्ध के बीच चोरी-छिपे ईरान के मिलिट्री विमानों को अपने एयरबेस पर रुकने की परमिशन दी थी. एक रिपोर्ट में इसको लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पड़ोसी मुल्क के इस फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप के करीबी अमेरिकी सांसद ने सवाल खड़े किए हैं.

ईरान ने पाकिस्तान भेजे थे अपने विमान?

CBS न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यूएस-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के कुछ दिन बाद ही ईरान ने अपने विमान  पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित ‘नूर खान एयरबेस’ भेजे थे. इन विमानों में खास तौर से ‘RC-130’ शामिल था, जो खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी के काम आता है. कहा जा रहा है कि यूएस के संभावित हमलों से बचने के लिए तेहरान ने अपने विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस भेज दिए थे.

क्या बोले अमेरिकी सीनेटर?

अमेरिका में इस रिपोर्ट को लेकर नाराजगी है. अमेरिकी सीनेटर ने चेतावनी दी है कि अगर यह सच साबित होता है तो पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर फिर से विचार करना होगा. डोनाल्ड ट्रंप के करीबी अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने प्रतिक्रिया दी है. 

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि ‘अगर यह रिपोर्ट सही है तो ईरान और अमेरिका और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका का पुनर्मूल्यांकन करना जरूरी होगा.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘इजरायल को लेकर पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पहले के कुछ बयानों को देखते हुए इस खबर के सही होने पर उनको आश्चर्य नहीं होगा.’

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पाकिस्तान ने किया खारिज

पाकिस्तान ने ईरान के विमानों को अपने एयरबेस पर उतरने की इजाजत देने के दावों को पूरी तरह से गलत बताया. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि नूर खान एयरबेस शहर के बीचों-बीच स्थित है, वहां इतने बड़े विमानों को लोगों की नजरों से छिपाकर रखना नामुमकिन है.

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