नॉर्वे में पत्रकार विवाद पर विदेश मंत्रालय से लेकर राहुल गांधी ने क्या रिएक्शन दिया?

नॉर्वे में पत्रकार विवाद पर विदेश मंत्रालय से लेकर राहुल गांधी ने क्या रिएक्शन दिया?


Rahul Gandhi Reaction on Norway Journalist Row: पीएम मोदी से नॉर्वे में चिल्लाकर पूछे गए एक पत्रकार की तरफ से सवाल को लेकर कई तरह के रिएक्शन भारत में देखने को मिल रहे हैं. इसको लेकर विदेश मंत्रालय समेत विपक्षी नेता राहुल गांधी की आलोचना भी शामिल है.  नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भारत के पीएम ने मेरा सवाल नहीं लिया. यह तब हुआ, जब पीएम मोदी नॉर्वे के अपने समक्ष के साथ प्रेस ब्रीफिंग कर लौट रहे थे. तभी यह पत्रकार जोर से चिल्लाने लगी. पत्रकार ने विदेश मंत्रालय से भी पीएम मोदी के सवाल का जवाब न देने को लेकर सवाल किया. 

विदेश मंत्रालय ने क्या दी प्रतिक्रिया? 

इस पर विदेश मंत्रालय के सिबी जॉर्ज ने कहा कि हम बहुत से लोगों को यह पूछते हुए सुनते हैं कि यह क्यों, वह क्यों, लेकिन मैं आपको यह बताना चाहता हूं. हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा हैं. लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं. हमारे पास एक संविधान है जो लोगों के मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है.

सिबी जॉर्ज ने कहा कि अगर किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसे अदालत जाने का अधिकार है. हमें एक लोकतंत्र होने पर गर्व है.

राहुल गांधी बोले- जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता

इस घटना पर राहुल गांधी ने कहा कि जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने के लिए भी कुछ नहीं होता. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की छवि का क्या होता है जब दुनिया एक ऐसे प्रधानमंत्री को देखती है जो सवालों से घबराकर भाग खड़ा होता है? राहुल गांधी ने हेले लिंग के फोन पर इंटरव्यू लेने की बात पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं तैयार हूं. 

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6 दिन के लिए 5 देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी

भारत के प्रधानमंत्री 6 दिन के लिए पांच देशों के दौरे पर हैं. सोमवार को वह नॉर्वे को ओस्लो पहुंचे. जहां उन्होंने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. साथ ही यहां के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी के नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटेन के साथ फोटो शेयर करते हुए कहा कि यह खुद को विश्वगुरु कहने वाले, लेकिन पूरी तरह से बेनकाब हो चुके व्यक्ति, डच PM को कौन सा बोगस ज्ञान दे रहे हैं? वही डच PM, जिन्होंने असल में उनकी पोल खोली थी. दरअसल, पूरा मामला तब शुरू हुए, जब नॉर्वे के अखबार डागसाविसेन की पत्रकार हेले लिंग ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरा सवाल नहीं लिया, हालांकि मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी. 

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