शतावर की जड़ का होता है इस्तेमाल: शतावर एक औषधीय पौधा है, जिसकी जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से होता आया है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका उपयोग पशुओं के खानपान में भी किया जाता है.

दूध उत्पादन बढ़ाने में मिल सकती है मदद: शतावर की जड़ को पशुओं के लिए उपयोगी माना जाता है. दावा किया जाता है कि, इसे खिलाने से दूध उत्पादन में मदद मिल सकती है. हालांकि इसका असर हर पशु में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है.

गाय, भैंस और बकरी को दिया जाता है: डेयरी करने वाले किसान शतावर का इस्तेमाल करने के बारे में जानकारी ले सकते हैं. लेकिन गाय, भैंस और बकरी की जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए सभी को एक जैसी मात्रा देना सही नहीं है.

पशु के वजन के हिसाब से तय होती है मात्रा: शतावर की जड़ कितनी मात्रा में देनी है, यह पशु के वजन, उम्र और सेहत पर निर्भर कर सकता है. इसलिए बिना जानकारी के इसे पशु के आहार में शामिल न करें.

पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी: शतावर खिलाने से पहले पशु चिकित्सक से इसकी सही मात्रा और इस्तेमाल का तरीका पूछें. इससे पशु की जरूरत के मुताबिक सही फैसला लेने में मदद मिलेगी.

संतुलित आहार का भी रखें ध्यान: केवल शतावर की जड़ खिलाने से पशुओं की ताकत या दूध उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं है. इसके साथ हरा चारा, सूखा चारा, साफ पानी और जरूरत के मुताबिक संतुलित आहार देना भी जरूरी है.
Published at : 21 Oct 2026 04:24 PM (IST)






