अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बताने वाली अपनी टिप्पणी का बचाव किया है. उन्होंने दावा किया कि उनका ये बयान प्रवासियों के बजाय उन अमेरिकी कंपनियों पर केंद्रित था, जो विदेशी कर्मचारियों का शोषण करती हैं. इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की एंटी इमिग्रेशन पॉलिसी का बचाव करते हुए अपनी पत्नी उषा वेंस की भारतीय विरासत का जिक्र किया.
मिशिगन के फ्लैट रॉक में CBS न्यूज के टाउन हॉल में वेंस ने कहा, “मेरी बात कहने का तरीका शायद सही नहीं था, यह मेरी गलती है, लेकिन जब मैं ‘बंधुआ मजदूर’ शब्द का इस्तेमाल करता हूं तो यह H-1B वीजा धारक की आलोचना नहीं, बल्कि ये उस कंपनी की आलोचना है.”
अपनी पत्नी को लेकर क्या बोले वेंस
अपने परिवार के बारे में बात करते हुए जेडी वेंस ने कहा, “आप जानते हैं कि मेरा परिवार कहां से आता है. मैं अपनी सास और ससुर से बहुत प्यार करता हूं, जो दक्षिण भारत से आकर यहां बस गए थे और जाहिर है, उनकी बेटी जो अमेरिका में पैदा हुई थी, अब ‘सेकंड लेडी’ हैं. मुझे उन पर बहुत गर्व है और मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं.”
जेडी वेंस ने आगे कहा कि वह एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जो न केवल उन लोगों का स्वागत करे जो देश के लिए मूल्यवान हैं, बल्कि अमेरिकी कामगारों के प्रति भी निष्पक्ष हो. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे इमिग्रेशन सिस्टम में संतुलन होना चाहिए.”
अमेरिकी कंपनियों पर निशाना
वेंस ने तर्क दिया कि एम्प्लॉयर कभी-कभी अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद विदेशी कामगारों को रख लेते हैं. इससे ये विदेशी कर्मचारी देश में बने रहने के लिए पूरी तरह अपने एम्प्लॉयर पर निर्भर हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों के उलट अगर विदेशी कामगार अपने एम्प्लॉयर को चुनौती देते हैं तो उन्हें नौकरी खोने के अलावा और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि इससे एम्प्लॉयर को बहुत अधिक ताकत मिल जाती है.” उन्होंने तर्क दिया कि समस्या उन लोगों में नहीं है जो अमेरिका में रोजगार और अवसर तलाश रहे हैं, बल्कि अमेरिकी वीजा सिस्टम में है, जो कामगारों को शोषण का शिकार बना सकती है.
वेंस की H-1B संबंधी टिप्पणियों पर विवाद
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने भारतीय IT कंपनियों सहित कई फर्मों को एक प्रोग्राम से निलंबित कर दिया. इस कार्यक्रम के तहत विदेशी कामगार ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन कर सकते हैं. अमेरिका का तर्क है कि इस व्यवस्था के कारण अमेरिकी नागरिक नौकरी के बाजार से बाहर हो गए हैं. उपराष्ट्रपति वेंस ने इस फैसले की घोषणा करते हुए H-1B वीजा वाले विदेशी पेशेवरों को बंधुआ मजदूर करार दिया.
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