प्राकृतिक खेती शुरू करें किसान, सरकार से मिलेंगे 8,000 रुपये! जानें कैसे

प्राकृतिक खेती शुरू करें किसान, सरकार से मिलेंगे 8,000 रुपये! जानें कैसे


Natural Farming Scheme: खेती में खाद, कीटनाशक और दूसरी चीजों पर होने वाला खर्च लगातार किसानों की चिंता बढ़ाता है. ऐसे में अगर खेती का खर्च कम करने के साथ मिट्टी की सेहत भी सुधारी जा सके, तो किसानों के लिए यह फायदे का सौदा हो सकता है. इसी मकसद से केंद्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है. 

इसके लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत पात्र किसानों को आर्थिक मदद देने का प्रावधान है. अगर किसान इस तरीके से खेती करना चाहते हैं, तो उन्हें दो साल में एक एकड़ जमीन के लिए कुल 8,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है. हालांकि, इसके लिए योजना की शर्तों को पूरा करना जरूरी है.

प्राकृतिक खेती करने पर कितनी मिलेगी मदद?

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत पात्र किसानों को एक एकड़ जमीन के लिए हर साल 4,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है. यह मदद लगातार दो साल तक मिल सकती है. यानी निर्धारित नियमों के मुताबिक, एक एकड़ के लिए कुल 8,000 रुपये की सहायता मिल सकती है. इस पैसे का इस्तेमाल प्राकृतिक खेती अपनाने, जरूरी प्रशिक्षण लेने, पशुओं की देखभाल और खेत में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक चीजें तैयार करने जैसे कामों में किया जा सकता है. यह राशि किस्तों में आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है.

क्यों बढ़ावा दे रही है सरकार?

केंद्र सरकार ने नवंबर 2024 में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को मंजूरी दी थी. इसके लिए कुल 2,481 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस मिशन का मकसद खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना, लागत घटाना और मिट्टी की सेहत सुधारना है. प्राकृतिक खेती में खेत और आसपास मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है. 

इससे बाजार से खरीदे जाने वाले कुछ कृषि उत्पादों पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पैदावार और कमाई पर असर फसल, मिट्टी और खेती के तरीके के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.

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जीवामृत और बीजामृत बनाना भी सीखेंगे किसान

इस मिशन के तहत किसानों को आर्थिक मदद के साथ प्राकृतिक खेती करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है. कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में किसान खेती के इस तरीके को सीख सकते हैं. उन्हें जीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक घोल बनाने की जानकारी भी दी जाती है. इसके अलावा, गांवों में ऐसे केंद्र बनाए जा सकते हैं, जहां से किसान प्राकृतिक खेती में काम आने वाली चीजें ले सकें. प्रशिक्षित कृषि सखियां भी किसानों की मदद करती हैं.

आर्थिक सहायता के लिए कहां करें संपर्क?

अगर आप प्राकृतिक खेती शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने जिले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करें. वहां से मिशन के तहत चल रहे प्रशिक्षण, किसान समूहों और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिल सकती है. योजना में समूह बनाकर खेती और प्रशिक्षण लेने वाले किसानों पर भी जोर दिया जाता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते और जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. कौन से दस्तावेज जरूरी हैं और आवेदन कैसे करना है, इसकी पुष्टि अपने स्थानीय कृषि विभाग से जरूर करें.

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