फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल

फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीता है. सिल्वर मेडल जीत के बाद उन्होंने बहुत बड़ा खुलासा करके बताया कि वे जब भी भाला फेंकने आ रहे थे, तब-तब वे डरा हुआ महसूस कर रहे थे. नीरज नए फाइनल में 85.83 मीटर दूरी के साथ सिल्वर मेडल जीता जबकि गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने जीता.

इंडिया टुडे के अनुसार नीरज चोपड़ा ने कहा, “मेरा कमबैक अब तक अच्छा जा रहा है. मैं ठंडी परिस्थितियों में बहुत अच्छा नहीं कर पाता हूं, अंततः मैं एक भारतीय हूं. पोडियम पर वापस खड़े होकर अच्छा महसूस हुआ. मुझे धीरे-धीरे अपनी मेहनत का फल मिल रहा है.”

मैं डरा हुआ था

नीरज चोपड़ा ने कहा, “मेरी नजर में सबसे बड़ा अंतर वहां आता है कि जब आप 100 प्रतिशत फिट होते हैं तब सोचते हैं कि किसी भी कठिनाई को पार कर लेंगे. मगर चोट आपको सोचने पर मजबूर करती है. आप डरे होते हैं, आज भी मैं डरा हुआ महसूस कर रहा था. मैं बहुत ज्यादा तेज नहीं भागकर अपनी बॉडी को नियंत्रित रखना चाहता था.”

नीरज चोपड़ा साल 2018 के आठ साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी कर रहे थे, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था. 2022 के खेलों में चोट के कारण नीरज नहीं खेल पाए थे.

सिल्वर और ब्रॉन्ज भारत के नाम

मेंस जेवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने जीता था, जिन्होंने 89.75 मीटर दूर भाला फेंककर पहला स्थान हासिल किया. वहीं नीरज चोपड़ा का भाला 85.83 मीटर दूर जाकर गिरा, जिससे उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. इस प्रतियोगिता का ब्रॉन्ज मेडल भी भारत के नाम रहा क्योंकि यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर की दूरी माप कर तीसरा स्थान हासिल किया.

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