बिना कुंडली सिर्फ हथेली देखकर जानें शनि का असर, उंगली के नीचे छिपा है पूरा राज

बिना कुंडली सिर्फ हथेली देखकर जानें शनि का असर, उंगली के नीचे छिपा है पूरा राज


अक्सर जब काम अटकने लगते हैं, बेवजह की भागदौड़ बढ़ जाती है या अचानक पैसों की तंगी घेर लेती है, तो लोग कहते हैं कि कहीं शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या तो नहीं चल रही? अब हर किसी के पास अपनी सटीक जन्मपत्री या सही समय की डिटेल नहीं होती.

हस्तरेखा (Palmstry) के मुताबिक, इसके लिए आपको किसी ज्योतिषी के पास कुंडली ढूंढने की जरूरत नहीं है. आपकी दोनों हथेलियां ही यह साफ बता देती हैं कि शनि देव आप पर मेहरबान हैं या उनकी टेढ़ी नजर आपको परेशान कर रही है.

हथेली में कहां बैठते हैं शनि देव?

अपनी हथेली को सीधा फैलाएं. हाथ की जो सबसे बड़ी यानी बीच वाली उंगली (Middle Finger) होती है, उसे हस्तरेखा में मध्यमा कहा जाता है. इस उंगली के ठीक नीचे का जो थोड़ा गद्देदार हिस्सा होता है, वही शनि पर्वत कहलाता है.

शनि पर्वत की बनावट, उसका रंग और वहां से गुजरने वाली रेखाएं ही तय करती हैं कि जिंदगी में किस्मत का साथ मिलेगा या हर कदम पर इम्तिहान देना होगा.

जब शनि देव होते हैं मेहरबान: दिखते हैं ये 4 लक्षण

अगर आपकी हथेली में नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो मानकर चलिए कि शनि की कृपा आप पर बनी हुई है:

हल्का उभरा और साफ पर्वत: मध्यमा के नीचे का हिस्सा न ज्यादा दबा हो और न ही बहुत ज्यादा फूला हुआ, बल्कि सामान्य उभार लिए हल्का गुलाबी हो. ऐसे लोग बेहद मेहनती, धैर्यवान और न्यायप्रिय होते हैं.

सीधी और साफ भाग्य रेखा: अगर हथेली के निचले हिस्से (कलाई के पास) से कोई पतली और स्पष्ट लकीर बिना किसी रुकावट के सीधे शनि पर्वत तक पहुंच रही हो, तो ऐसे लोग अपनी मेहनत के दम पर शून्य से शिखर तक पहुंचते हैं.

त्रिशूल या वर्ग (चौकोर) का निशान: शनि पर्वत पर त्रिशूल जैसा कोई निशान दिख जाए तो इसे राजयोग का संकेत माना जाता है. वहीं चौकोर निशान व्यक्ति को बड़ी से बड़ी मुसीबत या बदनामी से बचा लेता है.

समय पर काम बनना: ऐसे लोगों के काम भले ही धीमी रफ्तार से हों, लेकिन कभी रुकते नहीं हैं. समाज में मान-सम्मान हमेशा बना रहता है.

अशुभ या कमजोर शनि के संकेत: संभलकर रहने की जरूरत

शनि के कमजोर होने पर व्यक्ति को बेवजह के आरोप, कानूनी पचड़े और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. हाथ में इसके संकेत कुछ इस तरह नजर आते हैं:

गड्ढे जैसा शनि पर्वत: अगर बीच वाली उंगली के नीचे का हिस्सा एकदम सपाट या अंदर धंसा हुआ दिखे, तो यह संघर्ष का इशारा है. ऐसे लोगों को कड़ी मेहनत के बाद भी पूरा फल नहीं मिल पाता.

जाल या कटने के निशान: इस जगह पर अगर आड़ी-तिरछी रेखाओं का जाल बना हो या कोई बड़ा क्रॉस (X) का निशान हो, तो व्यक्ति पर अचानक कर्ज चढ़ने लगता है और बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं.

टूटी हुई भाग्य रेखा: रेखा अगर जगह-जगह से कटी हो या जंजीर जैसी दिखती हो, तो करियर में बार-बार रुकावटें और नौकरी छूटने का डर रहता है.

काला तिल होना: शनि पर्वत पर अचानक कोई काला तिल उभरना सेहत और प्रतिष्ठा दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता.

अगर हाथ में शनि कमजोर दिखे, तो क्या करें?

शनि देव को ‘कर्मफल दाता’ कहा जाता है. इसलिए किसी महंगे रत्न या भारी-भरकम पूजा से ज्यादा असर आपके रोजमर्रा के कर्मों का होता है:

  • कमजोरों का हक न मारें: अपने घर के नौकरों, सफाईकर्मियों और मजदूरों से हमेशा सम्मान से बात करें और उनका मेहनताना समय पर दें.
  • पीपल के पेड़ की सेवा: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का एक चौमुखा दीपक जलाना शुरू करें.
  • शनिवार को दान: काले तिल, कंबल, उड़द की दाल या जूते-चप्पल किसी जरूरतमंद को दान करें.
  • हनुमान चालीसा का पाठ: हर मंगलवार और शनिवार को नियम से हनुमान चालीसा पढ़ें. माना जाता है कि बजरंगबली के भक्तों को शनि देव कभी नहीं सताते.

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