‘ये समुद्री लुटेरों की वापसी’, अमेरिका ने जब्त किए ईरानी तेल टैंकर तो आगबबूला हो गया तेहरान

‘ये समुद्री लुटेरों की वापसी’, अमेरिका ने जब्त किए ईरानी तेल टैंकर तो आगबबूला हो गया तेहरान


अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में तनाव फिर बढ़ने लगा है. अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को जब्त कर लिया. यूएस के इस एक्शन पर तेहरान ने निशाना साधा और इस कार्रवाई को ‘बीच समुद्र में हथियारों के दम पर की गई लूट’ और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया.

क्या बोले बघाई?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए. बघाई ने कहा, अमेरिका ‘समुद्री डकैती’ को कानूनी रूप देने की कोशिश कर रहा है,बीच समुद्र में जहाजों को ज़ब्त करना खुलेआम लूटपाट है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दुनिया अब ‘समुद्री लुटेरों की वापसी’ देख रही है. उनका आरोप है कि अमेरिकी अधिकारी कानूनी वारंट और सरकारी झंडे का इस्तेमाल करके इस ‘अवैध लूट’ को सही ठहराने का नाटक कर रहे हैं.

अमेरिका ने कार्रवाई को बताया सही

दूसरी ओर, अमेरिका इस कार्रवाई को सही ठहरा रहा है. यूएस का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि वे सिर्फ कानून लागूकर रहे हैं. अमेरिकी अधिकारी जीनिन फेरिस पीरो ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ‘Majestic X’ और ‘Tifani’ नाम के दो जहाजों को ऐसे ही नहीं पकड़ा, बल्कि इसके लिए उनके पास कोर्ट द्वारा जारी किए गए वारंट (कानूनी आदेश) थे.

पिरो के मुताबिक, हिंद महासागर में रोके जाने के समय दोनों जहाजों में लगभग 19 लाख बैरल ईरानी तेल लदा हुआ था. उन्होंने कहा कि यह एक्शन अवैध तेल नेटवर्क को बाधित करने और प्रतिबंधित संस्थाओं को इससे फायदा या मदद न मिल सके. पिरो ने आगे कहा कि अमेरिकी एजेंसियां और उसके साथी आगे भी ऐसे मामलों में दखल देते रहेंगे और लगातार जांच, निगरानी और कार्रवाई करती रहेंगी.

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यूएस की दुनिया को चेतावनी

अमेरिका ने ईरान की हवाई सेवा को घेरने के लिए दुनिया भर की कंपनियों को चेतावनी दी है. अमेरिका ने कहा है कि दुनिया की कोई भी कंपनी अगर ईरान की एयरलाइंस की मदद करेगी, तो अमेरिका उस कंपनी पर भी पाबंदी लगा देगा. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि यह सब एक खास अभियान के तहत हो रहा है, जिसका मकसद ईरान पर आर्थिक दबाव बनाना है.

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