Top 5 Beetroot Varieties : चुकंदर (Beetroot) न सिर्फ सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि इसकी खेती किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है. चुकंदर में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, खासकर यह खून बढ़ाने में मदद करता है. इसी कारण डॉक्टर अक्सर एनीमिया वाले मरीजों को इसका सेवन करने की सलाह देते हैं. इसे कच्चा खाया जाता है, सलाद में इस्तेमाल किया जाता है और इसका जूस गाजर के साथ मिलाकर भी बहुत पसंद किया जाता है. इसकी बाजार में मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छा दाम मिल जाता है. अगर सही किस्म और तकनीक से खेती की जाए तो चुकंदर से काफी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि चुकंदर की टॉप 5 किस्में कौन सी हैं और किसमें सबसे ज्यादा मुनाफे वाली पैदावार होती है.
चुकंदर की टॉप 5 किस्में
1. अर्ली वंडर (Early Wonder) – यह चुकंदर की एक बहुत लोकप्रिय और जल्दी तैयार होने वाली किस्म है. इसकी जड़ें चिकनी और लाल रंग की होती हैं. इसके अंदर का हिस्सा भी गहरा लाल होता है और पत्तियां हरे रंग की होती हैं. इसकी फसल लगभग 55 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है और उत्पादन सामान्य किस्मों से ज्यादा मिलता है. यह किस्म जल्दी मुनाफा देने के लिए अच्छी मानी जाती है.
2. शाइन रेडबॉल (Shine Red Ball) – यह किस्म हर मौसम में उगाई जा सकती है, इसलिए किसानों के लिए बहुत उपयोगी है. यह कंद गोल और गहरे लाल रंग का होता है. इसका पौधा लगभग 30-32 सेमी ऊंचा होता है और इसका वजन 150 से 180 ग्राम तक होता है. साथ ही यह 50 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है. रबी, खरीफ और जायद तीनों मौसम में खेती कर सकते हैं.
3. अशोका रेडमेन (Ashoka Redman) – यह एक मजबूत और रोगों से लड़ने वाली किस्म मानी जाती है. इसकी पत्तियां चौड़ी और हरे-गुलाबी रंग की होती हैं. साथ ही कंद गोल और लाल रंग का होता है. इसका वजन 150 से 180 ग्राम तक होता है और 65 से 70 दिनों में तैयार होती है. यह हमारी इम्यूनिटी के लिए अच्छा होता है
4. क्रिमसन ग्लोब (Crimson Globe) – यह किस्म मध्यम आकार की चुकंदर उत्पादन के लिए जानी जाती है. इसकी जड़ें मध्यम आकार की होती हैं और रंग गहरा लाल होता है. साथ ही इसकी पत्तियां चमकदार हरी होती हैं. इसका औसत उत्पादन लगभग 80 क्विंटल प्रति एकड़ तक मिलता है.
5. इंदम रूबी (Indam Ruby) – यह ज्यादा उत्पादन देने वाली अच्छी किस्म है. इसका कंद गोल और समान लाल रंग का होता है. इसका वजन लगभग 200 ग्राम तक होता है. इसके पौधे की ऊंचाई लगभग 1 फीट होती है और यह 55 दिनों में तैयार हो जाती है. इसकी रबी और खरीफ दोनों मौसम में खेती कर सकते हैं. इससे उत्पादन बहुत अच्छा मिलता है.
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चुकंदर की बुवाई कैसे करें?
चुकंदर की बुवाई मुख्य रूप से दो तरीकों से की जाती है. जिसमें छिटकवां विधि और मेड़ (बेड) विधि शामिल है. छिटकवां विधि में बीजों को खेत में समान रूप से बिखेर दिया जाता है और फिर हल्की मिट्टी से ढक दिया जाता है, इसमें प्रति एकड़ लगभग 4 किलो बीज की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस तरीके में पौधों की बढ़त और देखभाल पर कम नियंत्रण रहता है. वहीं मेड़ विधि में खेत में ऊंची-ऊंची क्यारियां या बेड बनाए जाते हैं और बीजों को लगभग 3-3 इंच की दूरी पर बोया जाता है, जिससे पौधों को सही जगह और पोषण मिलता है, बीज भी कम लगता है और सिंचाई, निराई-गुड़ाई जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं.
किसमें सबसे ज्यादा मुनाफे वाली पैदावार होती है
चुकंदर की सभी किस्मों में सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली पैदावार इंदम रूबी (Indam Ruby) और शाइन रेडबॉल (Shine Red Ball) को माना जाता है. इंदम रूबी कम समय (लगभग 55 दिन) में तैयार हो जाती है, इसका कंद लगभग 200 ग्राम तक का होता है और उत्पादन भी बहुत अच्छा मिलता है, जिससे किसान जल्दी और ज्यादा बार फसल लेकर मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं शाइन रेडबॉल भी एक बहु-मौसमी किस्म है जिसे रबी, खरीफ और जायद तीनों मौसम में उगाया जा सकता है, जिससे पूरे साल कमाई का मौका मिलता है. इसलिए इंदम रूबी सबसे ज्यादा पैदावार और मुनाफा देने वाली किस्म मानी जाती है, जबकि शाइन रेडबॉल लगातार और स्थिर आय के लिए बेहतर ऑप्शन है.
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