‘हम पर थोपा गया है युद्ध’, ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज तो आया तेहरान का रिएक्शन

‘हम पर थोपा गया है युद्ध’, ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज तो आया तेहरान का रिएक्शन


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  • अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

Middle East Conflicts: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और तनाव लगातार जारी है. इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री अली बाघेरी कानी ने शनिवार (2 मई, 2026) को अमेरिका के साथ जारी जंग को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध हम पर थोपा गया है. उन्होंने कहा कि तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य इस युद्ध को पूरी तरह से खत्म करना है.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के उप-विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए मिले ईरान के शांति प्रस्ताव को असंतोषजनक करार दिया है. ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की तरफ से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं.

ईरान के शांति प्रस्ताव पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

ईरान के साथ सीजफायर के तीसरे हफ्ते में प्रवेश करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (1 मई, 2026) को मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं पता कि ईरान के साथ कोई समझौता हो पाएगा या नहीं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बातचीत विफल होती है, तो वह ईरान को तबाह कर देंगे. उन्होंने कहा, ‘वे (ईरान) समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखेंगे क्या होता है.’

उन्होंने यह भी कहा कि वह फिर से युद्ध होने से रोकने के लिए समझौता करना पसंद करेंगे, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है. उन्होंने आगे कहा, ‘ईरान ऐसी मांगें कर रहा है, जिनसे मैं सहमत नहीं हो सकता हूं.’

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत कई हफ्तों से ठप

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत पिछले कई हफ्तों से रुकी हुई है. दोनों पक्षों के बीच 11 अप्रैल, 2026 को पाकिस्तान की मेजबानी में इस्लामाबाद में पहले दौर की शांति वार्ता हुई. उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी पक्ष के सामने अपने बातों को विस्तार से रखा. दोनों पक्षों के बीच 21 घंटों से ज्यादा समय तक बातचीत चली, लेकिन यह बैठक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी.

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