लू और भीषण गर्मी से ऐसे करें अपने खेतों की देखभाल, किसान जान लें काम की बात

लू और भीषण गर्मी से ऐसे करें अपने खेतों की देखभाल, किसान जान लें काम की बात


Farming Tips: गर्मी जैसे-जैसे अपनी तपिश दिखा रही है, लोगों को होने वाली तकलीफें उतनी ही बढ़ती जा रही हैं. और यह तकलीफ सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस मौसम में चलने वाली भीषण लू का खतरा खेतों में लगी फसलों को भी होता है, जिन्हें बचाना बेहद जरूरी हो गया है. गर्मी के मौसम में जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है और लू चलती है, तो इसका सीधा असर फसलों पर पड़ता है. तेज गर्म हवाएं मिट्टी की नमी तेजी से खत्म कर देती हैं, जिससे पौधों में पानी की कमी हो जाती है. आइए देखें खेत को सुरक्षित रखने के कुछ प्रभावी उपाय.

समय पर करें सिंचाई
अपने खेत को समय से पानी देना सबसे जरूरी होता है और पानी देने के बाद हल्की नियमित सिंचाई करते रहें, ताकि पानी जल्दी न उड़े. ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम का इस्तेमाल करने से 30 से 50 प्रतिशत पानी की बचत होती है. तपती धूप में खेतों में पानी देने से पानी का वाष्पीकरण (evaporation) काफी तेजी से होता है, जिससे मिट्टी की नमी जल्दी खत्म हो जाती है और पौधों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती.

मल्चिंग
मल्चिंग के दौरान हम फसल के आसपास सूखी घास, पत्तियां या प्लास्टिक की शीट बिछाते हैं. मल्चिंग से पानी का वाष्पीकरण कम हो जाता है और नमी मिट्टी के अंदर ही बनी रहती है. मल्चिंग से मिट्टी की नमी 25 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा समय तक बनी रहती है, जिससे पौधे जल्दी नहीं सूखते.

ज्यादा खाद डालने से बचें
जब तापमान बहुत ज्यादा हो, तब किसान ज्यादा खाद न डालें. अधिक तापमान में खाद डालने से नई पत्तियां तेजी से निकलने लगती हैं, जो तेज धूप में झुलस सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि किसान ज्यादा खाद डालने से परहेज करें.

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आवश्यक पोषक तत्वों को चुनें
खेतों में इस तापमान में भारी खाद डालने से बचना चाहिए. मगर गर्मी से प्रभावित पौधों को खनिज पूरकों (जैसे नाइट्रोजन और पोटाश) से लाभ हो सकता है. अगर वे लू में झुलस गए हैं, तो इन पोषक तत्वों से उन्हें राहत मिलती है. इसके अलावा फसल की प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होती है.

फसल चयन और समय का रखें ध्यान
अगर गर्मी ज्यादा पड़ती है, तो ऐसी फसलें लगाएं जो गर्मी सहन कर सकें. समय पर बुवाई करना भी जरूरी है, ताकि फसल का संवेदनशील चरण (फ्लावरिंग/फ्रूटिंग) लू के समय न आए.

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