फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 4 जून, 2026 को निधन हो गया. उन्होंने 76 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. उन्हें लिवर से संबंधित समस्या था, जिसके बाद उनका निधन हो गया. बताया जा रहा है कि वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके बाद अब उनका निधन हो गया है. पहलाज निहालानी केवल फिल्म निर्माता ही नहीं बल्कि सीबीएफसी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. साल 2015 से 2017 के बीच निहलानी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के चेयरमैन की कुर्सी संभाली थी. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिस पर काफी बवाल मच गया था. आलम ये हो गया कि उन्हें संस्कारी चेयरमैन तक का टैग दे दिया गया था. चलिए बताते हैं उनसे जुड़े पांच विवादों के बारे में.
‘उड़ता पंजाब’ में लगाए थे 89 कट्स
पहलाज निहलानी ने शाहिद कपूर की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ पर 89 कट्स लगाए थे, जिस पर काफी बवाल भी मचा था. उन्होंने इसे लेकर एनडीटीवी से बात करते हुए कहा था, ‘पंजाब, राजनीति और चुनाव से संबंधित संदर्भों को हटाने के सेंसर बोर्ड के फैसले पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था. यहां तक कि फिल्म के टाइटल पर भी उनका कोई प्रभाव नहीं था.’ उन्होंने केंद्र सरकार के पक्ष में बात रखते हुए कहा था, ‘केंद्र सरकार कभी भी सेंसर बोर्ड के काम में दखल नहीं देती है. इसमें कोई राजनीतिक दखल नहीं था.’
बता दें कि पहलाज निहलानी ने फिल्म के नाम से पंजाब शब्द को हटाने और फिल्म से सभी राजनीतिक कॉन्टेंट्स को पूरी तरह से हटाने के लिए कहा था, जिस पर मेकर्स काफी भड़क गए थे और वो बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गए थे. जहां सेंसर बोर्ड को कड़ी फटकार लगी थी.

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फिल्म ‘स्पेक्ट्रे’ के किसिंग सीन पर बवाल
इसके साथ ही पहलाज निहलानी हॉलीवुड फिल्म ‘जेम्स बॉन्ड’ की ‘स्पेक्ट्रे’ को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे. इसे जब भारत में रिलीज किया जाना था तो निहलान ने डैनियल क्रेग के किसिंग की लंबाई को 50 फीसदी तक छोटा कर दिया था. उनके इस फैसले की अशोक पंडित ने भी आलोचना की थी. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर संस्कारी जेम्स बॉन्ड ट्रेंड करने लगा था.

अनुष्का शर्मा और शाहरुख खान की फिल्म पर बवाल
इसके साथ ही पहलाज निहलानी ने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ को लेकर भी चर्चा में रहे थे. इसमें ‘इंटरकोर्स’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि उन्हें एक लाख वोट मिल गए तो वो इसे क्लियर कर देंगे. लेकिन बाद में अपने वादे से पलट गए थे. मिरर नाउ से बात करते हुए उन्होंने कहा था, ‘इस शब्द के इस्तेमाल होने से फिल्म देखने गए पारिवारिक लोग असहज हो जाएंगे. बच्चे इसे लेकर सवाल करेंगे.’ इसलिए उन्हें इस शब्द को फिल्म से हटाने की मांग की थी. हालांकि, इस पर काफी बवाल मचा था और लोगों ने काफी मजाक भी उड़ाया था.

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‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ पर लगाया था बैन
वहीं, पहलाज निहलानी फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहे हैं. उन्होंने इस फिल्म को फीमेल ऑरिएंटेड बताया था साथ ही इंटीमेट सीन्स पर भी आपत्ति जताई थी. निहलानी ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से भी इनकार कर दिया था और कहा था, ‘मुझे हटा दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन मैं ईमानदारी से अपना काम करता रहूंगा.’ उन्होंने आगे कहा था, ‘हिंदुस्तान परंपरा के हिसाब से फिल्म बनानी चाहिए.’

‘हरामखोर’ को सर्टिफिकेट देने से किया था इनकार
इतना ही नहीं, पहलाज निहलानी ने अनुराग कश्यप की एक और फिल्म ‘हरामखोर’ को भी सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था. इस पर गुनीत मोंगा ने आज तक को बताया था, ‘उन्होंने इस फिल्म के सब्जेक्ट को आपत्तिजनक बातते हुए सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था और सीन को काटने को नहीं कहा. बल्कि फिल्म को पास करने से मना कर दिया था और कहा था कि इसमें शिक्षकों को गलत तरीके से पेश किया गया है.’ आपको बता दें कि फिल्म में श्वेता त्रिपाठी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी अहम रोल में थे और दोनों के बीच इंटीमेट सीन्स को फिल्माया गया था, जिस पर पहलाज ने आपत्ति जताई थी.






